थाली में राख, फेफड़ों में जहर, रानीगंज में ‘रणचंडी’ बनी महिलाएं, वोट बहिष्कार का किया ऐलान, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Raniganj Pollution Protest: रानीगंज के दामोदर कॉलोनी में प्रदूषण के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है. धूल और काली राख से परेशान निवासियों ने आगामी चुनाव के बहिष्कार का फैसला किया है. प्रशासन और नेताओं की बेरुखी से जनता में भारी आक्रोश है.

Raniganj Pollution Protest| रानीगंज, जीतू : पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच रानीगंज के बकतार नगर स्थित दामोदर कॉलोनी में विद्रोह की आग भड़क उठी. मुद्दा राजनीतिक नहीं, प्रदूषण का है. धूल और काली राख के साये में नारकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय महिलाओं का सब्र टूट गया और उन्होंने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया. साथ ही बंगाल चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. ग्रामीणों ने साफ कहा- साफ हवा नहीं, तो वोट नहीं.

नारकीय जीवन का दर्द : सुबह उठते ही थाली में मिलती है राख

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही गुड़िया मालाकार ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने रुंधे गले से अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा- हमलोग इंसान नहीं, बल्कि नरक के कीड़े-मकोड़ों जैसी जिंदगी जी रहे हैं. सुबह उठते ही सबसे पहले खाने की थाली में धूल और काली राख गिरती है.

शिकायतों को अनसुना कर देते हैं फैक्ट्री मालिक

फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं हमारे बच्चों के फेफड़ों को खत्म कर रहा है. हर घर में लोग सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक शिकायतों को अनसुना कर देते हैं. वे दिखावे के लिए दो दिन स्थिति सुधारते हैं. फिर से वही मौत का धुआं उगलना शुरू कर देते हैं.

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नेताओं की बेरुखी से फूटा गुस्सा, आर-पार की लड़ाई के मूड में जनता

सुबह से ही भूखे-प्यासे सड़क पर डटी महिलाओं का आक्रोश उन नेताओं के प्रति सबसे अधिक था, जो चुनाव के समय वादे करने आते हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घंटों से रास्ता जाम है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. नेताओं की इसी बेरुखी ने अब इस आंदोलन को एक बड़ी राजनीतिक चुनौती में बदल दिया है.

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चुनाव बहिष्कार : कॉलोनी में नेताओं के प्रवेश पर रोक

दामोदर कॉलोनी के निवासियों ने सामूहिक रूप से फैसला लिया है कि इस बार वे मतदान नहीं करेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रदूषण का स्थायी समाधान नहीं होगा, कोई भी भी मतदाता बूथ तक नहीं जायेगा. इतना ही नहीं, लोगों ने कहा कि सिर्फ वोट के समय चेहरा दिखाने वाले नेताओं के कॉलोनी में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन उन्हें साफ हवा की गारंटी नहीं दे सकता, तो वे नेताओं को सत्ता की गारंटी नहीं देंगे.

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Raniganj Pollution Protest: प्रशासनिक चुप्पी और नियमों की अनदेखी

रानीगंज का यह क्षेत्र लंबे समय से औद्योगिक प्रदूषण की मार झेल रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मिलीभगत से फैक्ट्रियां नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं. इससे इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है. अब भी प्रशासन नहीं चेता, तो चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा.

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By Mithilesh Jha

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