आइएसपी टाउनशिप से जुड़े मसलों पर डीआइसी से मिले प्रतिनिधि

सेल आइएसपी टाउनशिप और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को पार्षद अशोक रुद्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर इंचार्ज डीआइसी सुरजीत मिश्रा से मुलाकात की और पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा.

By AMIT KUMAR | January 6, 2026 9:37 PM

आसनसोल.

सेल आइएसपी टाउनशिप और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को पार्षद अशोक रुद्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर इंचार्ज डीआइसी सुरजीत मिश्रा से मुलाकात की और पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में पार्षद कहकसा रियाज, पार्षद गुरमीत सिंह और पार्षद दिलीप ओरांग मौजूद थे. पार्षद अशोक रुद्र ने बताया कि बर्नपुर टाउनशिप क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को डीआइसी के समक्ष रखा गया. डीआइसी सुरजीत मिश्रा ने सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर विचार करने का आश्वासन दिया.

आइएसपी स्कूलों में दाखिला बंद होने पर आपत्ति

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बर्नपुर टाउनशिप और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कांट्रेक्चुअल कर्मी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग रहते हैं. इनके बच्चे आईएसपी संचालित पांच स्कूलों में पढ़ते हैं. हाल ही में प्रबंधन की ओर से इन स्कूलों में नए छात्रों का दाखिला बंद कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा है. प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि यह निर्देश वापस लिया जाए और आसपास के कांट्रेक्चुअल कर्मियों के बच्चों को पढ़ने का अवसर मिले.

निजीकरण और रोजगार का मुद्दा

आईएसपी संचालित स्कूलों के निजीकरण के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई गई. कहा गया कि निजीकरण होने से कांट्रेक्चुअल वर्कर्स के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी. साथ ही आईएसपी के आधुनिकीकरण और विस्तारित परियोजनाओं में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग रखी गई.

कांट्रैक्चुअल वर्कर्स और व्यापारियों की मांग

ज्ञापन में आईएसपी में कार्यरत कांट्रेक्चुअल वर्कर्स को दुर्गापुर के डीएसपी और एएसपी प्लांट के समान सुविधाएं देने की मांग शामिल रही. इसके अलावा कहा गया कि स्थानीय लोग आधुनिकीकरण और विस्तार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बर्नपुर टाउनशिप क्षेत्र में 30 से 40 वर्षों से व्यापार कर रहे लोगों के पुनर्वासन की व्यवस्था जरूरी है. प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय व्यापारियों के पुनर्वास पर प्रबंधन सकारात्मक निर्णय ले.

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