बर्दवान/पानागढ़.
पहले चरण की मतदाता-सूची जारी होने के बाद लाखों मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले हैं, जबकि लाखों नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में दर्ज किये गये हैं. इसी श्रेणी में पूर्व बर्दवान जिले के भातार पंचायत समिति के कार्यपालक सफीकुल आलम का नाम भी चला गया है. मतदाता-सूची देखते ही सफीकुल आलम असमंजस में पड़ गये. उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज जमा करने के बाद भी उनका नाम इस स्थिति में कैसे पहुंचा, यह समझ से परे है.भातार विधानसभा क्षेत्र में खलबली
267 भातार विधानसभा क्षेत्र के हरिपुर निवासी सफीकुल आलम भातार पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्य और कार्यपालक हैं. इसके बावजूद उनका नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में दर्ज होने से तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल है. संभावना जतायी जा रही है कि इस बार राज्य विधानसभा चुनाव में सफीकुल आलम मतदान नहीं कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दे दी गई है.60 लाख से अधिक नामों की दोबारा जांच
पिछले वर्ष 24 जून को चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की घोषणा की थी. 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिनमें पश्चिम बंगाल शामिल है. अंतिम सूची जारी होने से पहले 60,06,675 मतदाताओं की पात्रता की दोबारा जांच न्यायिक अधिकारी कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार कई मामलों को मंजूरी के बाद फिर से जांच के लिए भेज दिया गया. मालूम रहे कि 14 फरवरी सुनवाई की अंतिम तिथि थी. उसी दिन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने का विकल्प बंद हो गया. अब पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के 530 न्यायिक अधिकारी इन मामलों की समीक्षा कर रहे हैं. जब तक मंजूरी नहीं मिल जाती, संबंधित मतदाता मतदान नहीं कर सकेंगे. अंतिम सूची में उनके नाम के सामने ‘अंडर एडजुडिकेशन’ अंकित है. जांच में सही पाये जाने पर अगली अनुपूरक-सूची में यह टिप्पणी हटायी जायेगी.
