आसनसोल/बर्नपुर.
सुबह की नमाज पढ़ने करीमडांगाल मस्जिद जा रहे लोहा कारोबारी मोहम्मद शरीफुद्दीन गोली लगने के बाद तड़पते हुए अपनी जान दी. गोली लगने के बाद करीब एक घंटे तक मस्जिद से समक्ष शरीफुद्दीन पड़े रहे, लोगों की भीड़ जुट गयी, पर किसी ने उन्हें उठाकर अस्पताल नहीं पहुंचाया. वे मस्जिद के खजानची भी थे. सूचना उनके घरवालों को पहुंची तो वे भागेभागे आये और एक कार में करके उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित किया. इस घटना को लेकर घरवालों ने पुलिस के समक्ष ही स्थानीय लोगों पर अपनी भड़ास निकाली. गौरतलब है कि शनिवार सुबह करीमडांगाल इलाके के निवासी मोहम्मद शरीफुद्दीन की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. लोहा कारोबारी के साथ-साथ शरीफुद्दीन आसनसोल नगर निगम में ठेकेदारी और इलाके में प्रोमोटरी का भी काम करते थे. शरीफुद्दीन काफी तेजी से आगे बढ़ रहे थे, जिसे लेकर भाइयों के बीच विवाद बढ़ रहा था. हालांकि वे अपने सभी भाईयों को प्रतिमाह कुछ राशि देते थे. इसके बाद भी कलह बढ़ता गया. पुलिस उपायुक्त (वेस्ट) मोहम्मद सना अहमद के अनुसार कुछ संपति को लेकर भाइयों में आपसी विवाद था. प्राथमिक जांच में संपत्ति विवाद ही हत्या का कारण माना जा रहा है. शरीफुद्दीन कुल पांच भाई है, जिसमें से चौथे नंबर पर शरीफुद्दीन थे. वे अपने पीछे तीन बेटियां, एक बेटा व बीवी को छोड़ गये.तीसरे भाई शमसुल के साथ थी उनकी व्यापारिक साझेदारी
शरीफुद्दीन की अपने तीसरे नंबर के भाई मोहम्मद शमसुल के साथ व्यवसायिक साझेदारी थी. कत्ल के आरोप में उनके जो दो भतीजे गिरफ्तार हुए हैं, उसमें उनके पार्टनर भाई का बेटा मोहम्मद सलाम और सबसे बड़े भाई मोहम्मद अब्दुल का बेटा मोहम्मद सद्दाम शामिल है.
कल रात को ही बना प्लान और सुबह वारदात को दिया अंजाम
शुक्रवार शाम को ही शरीफुद्दीन को मारने का प्लान आरोपियों ने बनाया, जिसमें रवींद्र सिंह भी शामिल था और शनिवार को वारदात को अंजाम दे दिया गया. शरीफुद्दीन रोजाना सुबह नमाज के लिए जाते हैं, यह उनको पता था. इसलिए इस समय को चुना, जब पूरा इलाका सुनसान रहता है. आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है लेकिन गोली किसने चलायी, यह अभी साफ नहीं हुआ है. इसकी पड़ताल में पुलिस लग गयी है.
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