हाइड्रेन जाम और जल निकासी विवाद से बिगड़े हालात, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
जामुड़िया. राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर निंघा मोड़ से श्रीपुर मोड़ तक जलजमाव और गहरे गड्ढों के कारण सफर खतरनाक हो गया है. हाइड्रेन जाम होने से नाले का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसीएल और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं.
बताया गया कि निंघा कोलियरी से प्रतिदिन निकलने वाला पानी निकासी के अभाव में हाइवे पर जमा हो रहा है. इसीएल इसे एनएचएआइ का दायित्व बता रहा है, जबकि एनएचएआइ इसे कोलियरी की जिम्मेदारी कह रहा है. इस खींचतान का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है.
बीती रात धीरण बाउरी साइकिल से काम पर जा रहा था, तभी गड्ढे से अनियंत्रित मोटरसाइकिल उससे टकरा गयी. गंभीर रूप से घायल धीरण को आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई. बाद में उसे बांकुड़ा और फिर कोलकाता के पीजी अस्पताल रेफर किया गया है.
मौके पर पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष साधन राय ने चेतावनी दी कि दो दिनों में समाधान नहीं हुआ तो एनएचएआइ और इसीएल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. जामुड़िया ट्रैफिक प्रभारी ने भी स्थिति का जायजा लिया. स्थानीय लोगों ने शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
