विभिन्न मांगों के समर्थन में सोमवार को पुरुलिया शहर में वामदलों की ओर से जेल भरो आंदोलन किया गया. श्रम कोड रद्द करने, बिजली कानून 2003 को वापस लेने, वीवी रामजी परियोजना के तहत 200 दिनों का रोजगार देने, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए एमएसपी लागू करने, बिना पुनर्वासन किसी भी बस्ती दुकान को नहीं हटाने की मांग समेत कई मांगों को लेकर वाम समर्थक सड़कों पर उतरे.
जुबली मैदान में एकत्र हुए पार्टी के समर्थक
वाम समर्थक पुरुलिया शहर के जुबली मैदान में एकत्र हुए.हाथों में मांगों से संबंधित बैनर और पोस्टर लेकर उन्होंने शहर में जुलूस निकाला.इसके बाद जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ा. प्रदर्शन को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के आसपास पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी.प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से कई बैरिकेड लगाये गये थे.
प्रदर्शनकारियों ने पार कर ली थी पहली बैरिकेडिंग
वाम समर्थकों ने पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को पार कर लिया, लेकिन दूसरी बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया.इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गये और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की.वाम नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.
देश भर में चल रहा आंदोलन : प्रदीप राय
पुरुलिया जिला वामफ्रंट के प्रदीप राय ने कहा कि देशभर में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है. यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा.
