केंद्र की श्रमिक नीतियों के खिलाफ किसान सभा और सीटू की रैली

अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू की संयुक्त पहल पर बुधवार को केंद्र सरकार की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध रैली और सभा आयोजित की गई.

पुरुलिया.

अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू की संयुक्त पहल पर बुधवार को केंद्र सरकार की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध रैली और सभा आयोजित की गई. जिला माकपा सचिव प्रदीप राय के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में संगठन के पदाधिकारी, कैडर और बड़ी संख्या में स्थानीय समर्थक शामिल हुए.

नये श्रम कानूनों पर तीखी आपत्ति

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों को “काला कानून” करार देते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग उठाई. नेताओं का कहना था कि ये कानून मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करते हैं और उद्योग–व्यापार से जुड़े बड़े समूहों को लाभ पहुंचाने का काम करते हैं. विरोध रैली काशीपुर नगर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी, जहां प्रतिभागियों ने लगातार नारे लगाए और श्रमिक नीतियों में व्यापक सुधार की अपील की.

पथसभा में सरकार की नीतियों की निंदा

रैली समाप्त होने के बाद आयोजित सड़क सभा में वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा नीतियां मजदूरों के हितों के विरुद्ध हैं और रोजगार सुरक्षा, वेतन संरचना तथा कार्य स्थितियों को और अस्थिर बना सकती हैं. नेताओं ने दावा किया कि मजदूर–किसान एकजुट रहेंगे और जनांदोलन के माध्यम से इन कानूनों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि श्रमिक हितों की अनदेखी जारी रही तो बड़े पैमाने पर आंदोलन तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की व्यवस्था भी बनाई गई थी.

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By Amit kumar

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