मानकर काॅलेज में हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत एकल व्याख्यान

पूर्व बर्दवान जिले के मानकर कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़ा 2025 के उपलक्ष्य में ‘जनभाषा, विवाद और हिंदी’ विषय पर एकल व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को कॉलेज सभागार रवीन्द्र हाॅल में किया गया.

पानागढ़.

पूर्व बर्दवान जिले के मानकर कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़ा 2025 के उपलक्ष्य में ‘जनभाषा, विवाद और हिंदी’ विषय पर एकल व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को कॉलेज सभागार रवीन्द्र हाॅल में किया गया.

कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं इतिहास विभाग के प्रोफेसर सोमनाथ नायक के तुलसी और कबीर के गीतों के गायन के साथ हुआ.अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कॉलेज के टीचर-इन-चार्ज प्रोफेसर तरुण कुमार राय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के लिए हिंदी सीखना आवश्यक है और इसे केवल किसी दिवस तक सीमित न रखते हुए जीवन के प्रत्येक आयाम में समाहित किया जाना चाहिए.स्वागत वक्तव्य देते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मकेश्वर रजक ने कहा कि हिंदी के साथ-साथ अन्य सभी भाषाओं का सम्मान करते रहना चाहिए और विवाद की जगह संवाद की आवश्यकता है.

हिंदी विभाग की शिक्षिका श्रीमती पूजा गुप्ता ने हिंदी भाषा की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भाषा भारत को जोड़ने वाली सांस्कृतिक डोर है और इसके साथ हमें अन्य भाषाओं का सामंजस्य बनाए रखना चाहिए.विभाग के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि भाषा कभी विवाद का विषय नहीं हो सकती, बल्कि यह संवाद का माध्यम है. इस अवसर पर एकल व्याख्यान देते हुए मुख्य अतिथि एवं वक्ता विद्यासागर विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि भाषाई क्षेत्र में विवाद की कोई आवश्यकता नहीं है.हिंदी का विरोध राजनीति के नापाक इरादों की साजिश है.

हिंदी एक समावेशी लोक संस्कृति की धड़कनों की आवाज़ है, जिसे मजदूरों, किसानों, भक्त कवियों और आमजन ने पोषित किया है. उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हिंदी को व्यावहारिक धरातल पर जीवंत रखा जाए और इसे केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित न किया जाए.हिंदी एक उदार भाषा है जिसने तमाम भाषाओं के शब्दों को आत्मसात किया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >