आदिवासियों के बंधना पर्व पर खेल और संस्कृति का संगम

आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और संस्कृति के प्रतीक बंधना पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उल्लास का माहौल रहा. इस पारंपरिक पर्व का आदिवासी समाज पूरे वर्ष इंतजार करता है.

By AMIT KUMAR | January 8, 2026 9:36 PM

आसनसोल.

आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और संस्कृति के प्रतीक बंधना पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उल्लास का माहौल रहा. इस पारंपरिक पर्व का आदिवासी समाज पूरे वर्ष इंतजार करता है. पर्व के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य और व्यंजनों के साथ उत्सव मनाया गया. इसी कड़ी में गुरुवार को आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के मंडल-3 अंतर्गत आमलावेत स्थित छाटागुपू फुटबॉल मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने खेल और संस्कृति को एक मंच पर जोड़ा. कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज के गुरु की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई. इसके बाद विधिवत रूप से फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया. प्रतियोगिता में क्षेत्र के कई आदिवासी फुटबॉल क्लबों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मैदान में खेल भावना का प्रदर्शन किया.

खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन और सांस्कृतिक प्रस्तुति

आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए आदिवासी फुटबॉल क्लबों को फुटबॉल वितरित किए. आदिवासी संस्कृति के प्रतीक पारंपरिक वाद्य यंत्र धामसा और मादल भी कलाकारों को भेंट किए गए. कार्यक्रम के दौरान विधायक अग्निमित्रा पाल आदिवासी नृत्य की धुन पर थिरकती नजर आईं, जिससे मौजूद लोगों का उत्साह और बढ़ गया. इस आयोजन ने बंधना-पर्व के माध्यम से आदिवासी संस्कृति और परंपरा को सम्मान दिया और खेल के जरिए युवाओं को जोड़ने का संदेश दिया. स्थानीय लोगों ने पहल की सराहना करते हुए इसे यादगार बताया. मौके पर गणेश मांडी, सुखनंदन हासंदा, रवि सोरेन, कृष्णा मुर्मू, लखी राम मांडी, बबीलू टूडू, शंकुतला मांडी, आसनसोल मंडल तीन महासचिव सुजीत घोष, पार्थ सारथी दास, अपूर्व राय सहित अन्य मौजूद रहे.

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