सौर ऊर्जा व कोयले से रसायन उत्पादन के उपायों पर दिया जोर

शेयरधारकों व हितधारकों को संबोधित करते हुए इसीएल के सीएमडी सतीश झा ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला.

इसीएल की 50वीं वार्षिक आम सभा में सीएमडी सतीश झा ने प्रदर्शन पर डाला प्रकाश आसनसोल. कोल इंडिया लिमिटेड(सीआइएल) की एक अनुषंगी कंपनी और अग्रणी कोयला उत्पादक कंपनी, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(इसीएल) ने अपने सांकतोड़िया मुख्यालय में 50वीं वार्षिक आम सभा(एजीएम) आयोजित की. हाइब्रिड मोड में आयोजित सभा में व्यक्तिगत व वर्चुअल दोनों माध्यमों से भागीदारी की अनुमति दी गयी, जिससे व्यापक जुड़ाव सुनिश्चित हुआ. वार्षिक आम बैठक में पीएम प्रसाद (अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड), मुकेश अग्रवाल, निदेशक (वित्त), कोल इंडिया लिमिटेड, सतीश झा, (अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड), शिव नारायण पांडे ( स्वतंत्र निदेशक, ईसीएल), डॉ चेतना शुक्ला (उप महानिदेशक, कोयला मंत्रालय), मोहम्मद अंजार आलम, निदेशक (वित्त), ईसीएल, नीलाद्रि रॉय, निदेशक (तकनीकी/ संचालन), ईसीएल, गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन), ईसीएल, गिरीश गोपीनाथन नायर, निदेशक (तकनीकी/ परियोजना एवं योजना), ईसीएल, दीप्ति पटेल, मुख्य सतर्कता अधिकारी, ईसीएल, बीपी दुबे (कंपनी सचिव, कोल इंडिया लिमिटेड), रामबाबू पाठक, कंपनी सचिव, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड उपस्थित बैठक में ईसीएल मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों और क्षेत्रीय महाप्रबंधकों ने भी भाग लिया. जो एकीकृत और प्रतिबद्ध नेतृत्व की उपस्थिति को दर्शाता है. शेयरधारकों व हितधारकों को संबोधित करते हुए इसीएल के सीएमडी सतीश झा ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला. कहा कि यह इसीएल का ऐतिहासिक वर्ष रहा है. अब तक के सर्वोच्च कोयला उत्पादन के लिए, बल्कि हमारे संचालन, स्थिरता प्रथाओं और शासन ढांचे में किए गए महत्वपूर्ण गुणात्मक सुधारों के लिए भी उल्लेखनीय है. कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष पीएम प्रसाद ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने ईसीएल को अपने संचित घाटे को जल्द से जल्द समाप्त करने और लाभांश देने वाली कंपनी बनने की सलाह दी. उन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन और कोयले से रसायन उत्पादन जैसे विविधीकरण पहलों की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। अध्यक्ष ने कोयले की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सतत विकास पहलों पर भी ज़ोर दिया. एजीएम के मुख्य आकर्षणों में 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए लेखापरीक्षित वित्तीय विवरणों की प्रस्तुति और अंगीकरण, निदेशकों की रिपोर्ट और कंपनी के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा शामिल थी. कंपनी ने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए विश्वसनीय कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करके सुरक्षा, स्थिरता, डिजिटल नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहरायी.

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Published by: Ganesh mahto

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