आसनसोल/अंडाल. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर लोगों से उगाहे गये पैसे को विदेशों में भेजने के मामले पर मनी लॉन्डरिंग केस को लेकर जांच कर रही इडी की टीम गुरुवार सुबह अंडाल पहुंचने पर पूरे इलाके में खलबली मच गयी. सुबह 8:15 बजे एकाधिक वाहनों में सवार इडी के अधिकारी भारी सुरक्षाबल के साथ अंडाल थाना क्षेत्र के सुभाषनगर श्रीपल्ली इलाके में इसीएल के पूर्व कर्मी दिलीप मल्लिक के आवास पर पहुंचे. इस मामले में दिलीप मल्लिक का पुत्र दिगंत मल्लिक आरोपियों की सूची में शामिल है. सुबह 8:15 बजे से शाम 7:00 बजे खबर लिखे जाने तक आवास में सर्च ऑपरेशन जारी था. मामले में इडी के अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया. सूत्रों की मानें, तो घर में मौजूद विभिन्न कागजात को जब्त कर लिया गया.
क्या है पूरा मामला
कोलकाता के फेयरली प्लेस इलाके स्थित जराडोबीट एंड जराडोबीट ई-शॉपर्स प्राइवेट कंपनी के खिलाफ कालीघाट इलाके की एक महिला ने पिछले साल मई में हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत की थी. इसमें कहा गया था कि कंपनी ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर 25 माह में राशि डबल या निवेशित राशि पर हर माह चार फीसदी ब्याज देने का वादा कर निवेशकों से करोड़ो रुपये वसूले हैं. शिकायत मिलने के बाद इस मामले में राज्य पुलिस ने कार्रवाई की और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया, जिनमें दिगंत मल्लिक का नाम भी शामिल है. इस दौरान कंपनी का एक सरगना दुबई भाग गया और वहीं से बैठ कर कारोबार संभालने लगा. क्रिप्टोकरेंसी, शेयर बाजार, चिटफंड कंपनियों के जरिये निवेशकों से वसूले गये रुपये हवाला के माध्यम से विदेशों में भेजे गये. इसकी जानकारी मिलने के बाद मामले को इडी ने अपने हाथों में लिया और जांच शुरू की. गुरुवार को अंडाल सहित हावड़ा और नदिया इलाके में भी इडी टीमों ने कंपनी से जुड़े कर्णधारों के घरों में पहुंची और वहां भी सर्च अभियान चलाया.
