बर्धमान/पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
बंगाल में अमन धान की रोपाई का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) की नहरों में पर्याप्त पानी नहीं होने से पूर्व बर्धमान जिले के विस्तृत कृषि क्षेत्रों के किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. दूसरी ओर, मानसून की बारिश भी उम्मीद के मुताबिक नहीं होने से खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इसका सीधा असर धान की रोपाई पर पड़ रहा है.
पानी नहीं आया तो अधूरी रह जायेगी रोपनी
किसानों का कहना है कि अमन धान की खेती के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण समय है. यदि समय रहते डीवीसी की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो बड़ी संख्या में खेतों में रोपाई अधूरी रह जाएगी और फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा. बारिश नहीं होने के कारण कई किसान मजबूरी में डीजल और बिजली से चलने वाले महंगे पंपों के जरिए सिंचाई करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि पहले से ही बढ़ती उत्पादन लागत किसानों की चिंता का कारण बनी हुई है.
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नहरों पर निर्भर हैं अधिकतर किसान
स्थानीय किसान गोबिंद रूईदास, हारुल शेख आदि का कहना है कि हर साल अमन की खेती काफी हद तक डीवीसी की नहरों के पानी पर निर्भर रहती है. ऐसे में नहरों में पानी की कमी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. यदि जल्द पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो हजारों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है और इसका असर पूरे खरीफ सीजन की कृषि उपज पर पड़ सकता है. फिलहाल क्षेत्र के हजारों किसानों की निगाहें डीवीसी के फैसले पर टिकी हुई हैं.
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