नौ दिसंबर को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट

सक्रियता. एसआइआर में गणना-प्रपत्र संग्रह कर डिजिटाइज करने का कार्य युद्धस्तर पर

सात फरवरी को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता-सूची, वर्ष 2002 की वोटर्स-लिस्ट में नाम को लेकर मची है हलचल

2002 की वोटर्स-लिस्ट में नाम के अलावा अन्य प्रमाण भी अर्जी के साथ जमा देने का है प्रावधान, होगी सुनवाई, नहीं कटेगा आवेदक का नाम

शिवशंकर ठाकुर, आसनसोल

चार दिसंबर तक एसआइआर की प्रक्रिया के तहत गणना-प्रपत्र संग्रह करके उसे डिजिटलाइज करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. इसे लेकर सरकारी अधिकारी काफी तनाव में है, क्योंकि पांच दिनों बाद ही नौ दिसंबर को इसी आधार पर मतदाता-सूची का ड्राफ्ट यानी मसौदा प्रकाशित होगा. मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित नामों को हटाने और योग्य का नाम शामिल करने के उद्देश्य से जारी एसआइआर को लेकर पूरे राज्य में खलबली मची है. वर्ष 2002 की मतदाता-सूची इन दिनों काफी चर्चा में है. जबकि गणना-प्रपत्र में अन्य प्रमाण-पत्रों में से किसी एक को संलग्न करके जमा देने का भी प्रावधान है और हर आवेदक का नाम मतदाता-सूची में रहेगा, यह चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है. नौ दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन के साथ ही 31 जनवरी 2026 तक समरी रिवीजन का कार्य चलेगा, जिसमें नाम जोड़ने, संशोधन करने, किसी के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के आवेदनों का निष्पादन होगा. सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता-सूची का प्रकाशन होगा, जिसके आधार पर ही राज्य में वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव होगा.

चार दिसंबर के बाद भी अर्जी जमा करने का है प्रावधान, सूची में होगा हर आवेदक का नाम

राज्य के मुख्य निर्वाचक अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कि 2002 के मतदाता सूची में नाम नहीं रहने पर चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 13 में से किसी भी एक प्रमाणपत्र के साथ आवेदन जमा करने पर उस व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटेगा. वर्ष 2002 का मतदाता सूची ही देना होगा, ऐसा नहीं है. चार दिसंबर को एसआइआर का काम खत्म हो जाएगा, लेकिन समरी रिवीजन की सामान्य प्रक्रिया जारी रहेगी. नौ दिसंबर को ड्राफ्ट का प्रकाशन होने के दिन से ही 31 जनवरी तक समरी रिविजन में क्लेम एंड ऑब्जेक्शन का कार्य शुरू हो जायेगा. जो व्यक्ति किसी कारण चार दिसंबर तक आवेदन जमा नहीं कर पाये या ड्राफ्ट में किसी का नाम शामिल नहीं है, तो वह व्यक्ति फॉर्म छह भरकर अपना नाम चढ़ाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के साथ 2002 के मतदाता सूची में खुद का या माता पिता के नाम होने का प्रमाण यदि मिलता है तो ठीक है, नहीं तो अन्य जो भी प्रमाण मांगा गया है, उसका प्रति संलग्न करके आवेदन किया जा सकता है. ऐसे अवेदनकरियों के लिए एक सुनवायी होगी, जिसमें उनका वह प्रमाणपत्र देखा जाएगा, जिसका जिक्र उन्होंने आवेदन में किया है. 31 जनवरी तक नये सिरे से सारा क्लेम और ऑब्जेक्शन संग्रह करके उसका निष्पादन किया जाएगा, जिसके आधार पर ही सात फरवरी की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा. यही मतदाता सूची 2026 के विधानसभा का चुनाव में प्रभावी होगा.

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Published by: Ganesh mahto

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