डीपीएल में कूलिंग टावर से गिरकर 2 ठेका श्रमिकों की मौत, एक गंभीर, 15 लाख रुपए और स्थायी नौकरी की मांग

Durgapur DPL Accident: दुर्गापुर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (DPL) में बुधवार सुबह कूलिंग टावर पर काम करने के दौरान ऊंचाई से गिरकर 2 ठेका श्रमिकों की मौत हो गयी. एक अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल है. स्थानीय विधायक और भारतीय मजदूर संघ ने मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए मुआवजा और स्थायी नौकरी देने की मांग की है.

दुर्गापुर से अविनाश यादव की रिपोर्ट

Durgapur Projects Limted Accident: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (DPL) परिसर में बुधवार सुबह काम के दौरान प्लांट के कूलिंग टावर से गिरकर 2 ठेका श्रमिकों (Contract Workers) की मौत हो गयी. एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल मजदूर को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. मृत श्रमिकों की पहचान उमेश साव (54) और सिंटू घोष (49) के रूप में की हुई है.

4 दिन से शटडाउन का चल रहा था काम

डीपीएल (DPL) में पिछले 4 दिनों से शटडाउन (Shutdown) का काम चल रहा था. इसी प्रक्रिया के तहत सुबह कूलिंग टावर के ऊपरी हिस्से में काम करने के लिए 3 श्रमिक सीढ़ी के सहारे चढ़े थे. काम करने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों मजदूर अत्यधिक ऊंचाई से नीचे गिर गये. 2 मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. तीसरा मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गया.

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शुरू की जांच

घटना की सूचना लगते ही कोक ओवन थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची. शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की. पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि कार्यस्थल पर अनिवार्य सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन किया जा रहा था या नहीं.

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विधायक और बीएमएस ने सुरक्षा में लापरवाही के लगाये आरोप

हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय भाजपा विधायक लखन चंद्र घोरुई और भारतीय मजदूर संघ (BMS) के जिला अध्यक्ष मृण्मय बनर्जी दल-बल के साथ डीपीएल पहुंचे. बीएमएस नेता मृण्मय बनर्जी ने प्रबंधन और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी ऊंचाई वाले कूलिंग टावर पर चढ़ने के लिए श्रमिकों को उपयुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले सेफ्टी बेल्ट नहीं दिये गये थे. संतुलन बिगड़ने पर जैसे ही झटका लगा, बेल्ट टूट गयी और वे सीधे नीचे गिर पड़े. हादसे के वक्त प्लांट के मेडिकल सेंटर में कोई चिकित्सक भी नहीं था, जिसके चलते आपातकालीन स्थिति में डीपीएल अस्पताल से डॉक्टरों को बुलाना पड़ा.

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विधायक और बीएमएस ने प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम

विधायक और श्रमिक संगठन ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है. दोनों ने कहा है कि दोषी ठेकेदार और प्रबंधन को प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 15-15 लाख रुपए का मुआवजा देना होगा. परिवार के एक सदस्य को 3 दिनों के भीतर स्थायी नौकरी भी देनी होगी.

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हादसे की जांच शुरू : पीआरओ

डीपीएल की जनसंपर्क विभाग के अधिकारी (PRO) स्वागता मित्रा ने बताया कि दुर्घटना में 2 ठेकाकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि यह हादसा किन कारणों से हुआ और इसमें कहां चूक हुई, इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गयी है.

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Published by: Mithilesh Jha

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