डीएम ऑफिस के पास अपने अधिकारों के लिए ओबीसी मोर्चा का प्रदर्शन

प्रदर्शन के बाद ओबीसी समुदाय से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.

ज्ञापन सौंप कर रखी गयीं मांगें

आसनसोल. भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शंकर चौधरी के नेतृत्व में शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध सभा हुई. प्रदर्शन के बाद ओबीसी समुदाय से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. शंकर चौधरी ने कहा कि ओबीसी मोर्चा को मजबूत करने की जरूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि मंडल आयोग लागू होने के बाद से ओबीसी वर्ग के साथ लगातार सौतेला व्यवहार होता रहा है. उनके अधिकारों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के समय मंडल आयोग लागू हुआ, उस दौर में सामाजिक तनाव की स्थिति बनी और कई लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद ओबीसी वर्ग के जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं आया.

ओबीसी बिल और राजनीतिक आरोप

शंकर चौधरी ने कहा कि वर्ष 2018 में राज्यसभा में ओबीसी बिल पास हुआ था, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया. कांग्रेस की ओर से गठित होने वाली पांच सदस्यीय समिति में एक अल्पसंख्यक और एक महिला को शामिल करने की मांग रखी गई थी. उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिला को शामिल करने पर सहमति जतायी, लेकिन धर्म के आधार पर किसी को समिति में शामिल करने से इनकार किया गया. उन्होंने कहा कि आज दिया गया ज्ञापन ओबीसी वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग को लेकर है और इसे लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.

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By GANESH MAHTO

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