पुरुलिया. दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर का रेप-मर्डर कांड और उसके आरोपी के एनकाउंटर को लेकर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाये हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने बंगाल की कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. वह गुरुवार को 21 जुलाई के शहीद स्मरण दिवस पर कोलकाता के शहीद मीनार मैदान में होनेवाली जनसभा की तैयारियों के सिलसिले में पुरुलिया पहुंचे थे. इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेपाल चंद्र महतो व पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
21 जुलाई की घटना की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
पुरुलिया पार्टी ऑफिस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान शुभंकर सरकार ने 21 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए मनीष गुप्ता से जुड़ी फाइल दोबारा खोलने और जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा कि तब हुई मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर दोषियों को सजा दिलानी चाहिए.
एनकाउंटर व बुलडोजर कार्रवाई पर जतायी आपत्ति
शुभंकर सरकार ने उत्तर प्रदेश के तर्ज पर एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई के चलन का विरोध करते हुए कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया व कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि बारुईपुर की घटना में कई सवाल अनुत्तरित हैं और पुलिस की कार्रवाई पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने का फैसला अदालत का विषय है, ना कि किसी राजनीतिक दल, जनता या पुलिस का. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के महिला सुरक्षा संबंधी बयानों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. कांग्रेस ने संकेत दिया कि 21 जुलाई की जनसभा में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठा कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को घेरा जायेगा.
