आयोग का निर्देश, बंदी भी भर पायेंगे एसआइआर फॉर्म

मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच भारत निर्वाचन आयोग(इसीआइ) ने अहम निर्णय लेते हुए राज्य के सभी सुधार-गृहों में बंद कैदियों को भी आम मतदाताओं की तरह एन्युमरेशन फॉर्म भरने की अनुमति दे दी.

आसनसोल.

मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच भारत निर्वाचन आयोग(इसीआइ) ने अहम निर्णय लेते हुए राज्य के सभी सुधार-गृहों में बंद कैदियों को भी आम मतदाताओं की तरह एन्युमरेशन फॉर्म भरने की अनुमति दे दी. आयोग के इस निर्देश से जेल प्रशासन, राजनीतिक दलों व हजारों कैदियों की लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर हो गयी है.

सभी सुधार गृहों में नयी प्रक्रिया लागू

राज्य के 62 सुधार गृहों में कुल लगभग 35,000 कैदी बंद हैं, जिनमें अकेले आसनसोल सुधार गृह में करीब 400 कैदी हैं. एसआइआर के दौरान आशंका थी कि यदि कैदी फॉर्म नहीं भर पाए, तो उनके नाम मतदाता-सूची से हट सकते हैं. इस संभावना को समाप्त करते हुए आयोग ने जेल विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश भेजे हैं. आदेश की प्रति आसनसोल संशोधनागार को प्राप्त हो चुकी है और अधीक्षक चंद्रेयी हाईत ने इसकी औपचारिक पुष्टि भी कर दी है.

सभी कैदियों को सामान्य नागरिक जैसी सुविधा

एडीजी (जेल) लक्ष्मीनारायण मीना द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कैदी को वही सुविधा और अवसर दिया जाएगा, जो सामान्य नागरिकों को मिलता है. जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

प्रशासन की सक्रियता

आसनसोल के एसडीओ विश्वजीत भट्टाचार्य ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं सुधार गृह जाकर कैदियों को फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाएँगे. सलानपुर के बीडीओ देबांजन विस्वास ने बताया कि उनके ब्लॉक के कोई कैदी आसनसोल सुधार गृह में होने की सूचना मिलते ही फ़ॉर्म भेजने की व्यवस्था तत्काल की जाएगी.

विचाराधीन कैदियों का अधिकार सुरक्षित

अधीक्षक चंद्रेयी हाईत ने बताया कि सुधार गृहों में बंद अधिकांश कैदी विचाराधीन हैं और उनका मताधिकार कानूनन सुरक्षित है. ऐसे में सही प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कराना जरूरी है.

लोकतांत्रिक अधिकारों की दिशा में अहम कदम

अब तक कैदियों के लिए मतदाता-सूची संशोधन प्रक्रिया अस्पष्ट रही थी. आयोग के इस स्पष्ट निर्देश से न केवल कैदियों बल्कि उनके परिवारों और राजनीतिक दलों की चिंता दूर हुई है. आगामी सप्ताहों में जेल विभाग और जिला प्रशासन समन्वय के साथ यह सुनिश्चित करेगा कि फॉर्म भरने से लेकर सूची में नाम शामिल होने तक की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो.

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By Amit kumar

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