आशाकर्मियों को कोलकाता जाने से रोके जाने का आरोप

वेतन बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर आशा कर्मियों का आंदोलन 23 दिसंबर से जारी है, जिसका असर स्वास्थ्य परिसेवा पर भी पड़ा है.

बांकुड़ा.

वेतन बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर आशा कर्मियों का आंदोलन 23 दिसंबर से जारी है, जिसका असर स्वास्थ्य परिसेवा पर भी पड़ा है. इसी क्रम में 21 जनवरी को स्वास्थ्य भवन में स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात प्रस्तावित थी. इससे एक दिन पहले आशा कर्मियों ने कोलकाता जाने की तैयारी की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने बीच रास्ते में बसों को रोक दिया.

आशा कर्मियों का आरोप है कि बस मालिकों को डराकर बस आगे ले जाने से मना किया गया, जिससे जिले के अधिकतर कर्मी कोलकाता नहीं पहुंच सके. इसे कोलकाता जाने से रोकने की कोशिश बताया गया है. सड़क जाम कर जताया विरोध

इस घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल आशा कर्मी संगठन की ओर से बांकुड़ा शहर में विरोध रैली निकाली गयी. माचनताला मोड़ पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया, जहां दो सौ से अधिक आशा कर्मी मौजूद रहीं. विरोध प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला.

आशा कर्मियों ने मांगों पर जल्द समाधान और आवाजाही में बाधा नहीं डालने की मांग की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >