आसनसोल-बोकारो के बीच दौड़ी मेमू ट्रेन, अश्विनी वैष्णव ने दिखायी हरी झंडी

पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच एक नयी ट्रेन की शुरुआत हुई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को आसनसोल और बोकारो के बीच एक मेमू ट्रेन का उद्घाटन किया. रेल मंत्री के वर्चुअली हरी झंडी दिखाते ही आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू पैसेंजर ट्रेन बोकारो के लिए रवाना हो गयी.

पश्चिम बंगाल और झारखंड की इंडस्ट्रियल सिटी को जोड़ने वाली आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू रेल सेवा का रविवार को उद्घाटन हुआ. यह पूर्वी भारत के इंडस्ट्रियल सिनारियो में ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 63592/63591 आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी-आसनसोल मेमू पैसेंजर ट्रेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

  • 10 फरवरी से आसनसोल-बोकारो मेमू ट्रेन की नियमित सेवा होगी प्रारंभ
  • 42 करोड़ की लगत से बना है सिउड़ी रेलवे स्टेशन पर रोड ओवरब्रिज
  • बाराचक और हीरापुर यार्ड लाइन के बीच 55 करोड़ से बना रोड ओवरब्रिज

10 फरवरी से शुरू होगी मेमू ट्रेन की सर्विस

आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू उद्घाटन स्पेशल ट्रेन रविवार को शाम 5:00 बजे आसनसोल से रवाना हुई. यह ट्रेन रात 09:45 बजे बोकारो स्टील सिटी पहुंची. 63592/63591 आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी-आसनसोल मेमू यात्री ट्रेन की नियमित सेवा 10 फरवरी 2026 से शुरू होगी.

सप्ताह में 6 दिन चलेगी 8 कोच की मेमू ट्रेन

यह ट्रेन 8 कोच की मेमू रेक के साथ सप्ताह में 6 दिन (रविवार को छोड़कर) चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बर्नपुर, दामोदर, मधुकुंडा, मुराडीह, रामकनाली, बेरो, जयचंडी पहाड़, गारधरूबेश्वर, अनारा, बगलिया, कुस्तौर, छर्रह, पुरुलिया, गौरीनाथधाम, चास रोड, गरजाईपुर, दामरुघुटू, पुंदाग और राधागांव स्टेशनों पर रुकेगी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इस ट्रेन सेवा से होंगे कई फायदे

यह नयी रेल सेवा पश्चिम बर्द्धमान, पुरुलिया और बोकारो को जोड़ते हुए तेज, किफायती स्टील कॉरिडोर का निर्माण करेगी. इस ट्रेन के माध्यम से दोनों शहरों के सेल प्रतिष्ठानों में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों को अब हर दिन आने-जाने के लिए सीधा साधन उपलब्ध होगा. इससे इन इंडस्ट्रियल सेंटर्स के बीच बेहतर समन्वय होगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा भी मिलेगा.

पुरुलिया के लोगों को होगा फायदा

मेमू सेवा से पुरुलिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता दोनों शहरों के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इस समर्पित मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट (मेमू) सेवा की शुरुआत के साथ ही हजारों श्रमिकों, छात्रों और छोटे व्यापारियों के लिए दशकों पुरानी आवागमन की कठिनाइयों का अंत हुआ है, जो अब तक महंगे बस और अनियमित एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर थे.

रेल मंत्री ने ये सौगातें भी दीं

नयी ट्रेन के साथ-साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिउरी रेलवे स्टेशन के पास बने रोड ओवरब्रिज और बाराचक एवं हीरापुर यार्ड लाइन के बीच बने रोड ओवरब्रिज को भी राष्ट्र को समर्पित किया.

42 करोड़ से सिउड़ी रेलवे स्टेशन पर बना रोड ओवरब्रिज

सिउरी रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग संख्या 22बी/टी की जगह बने नये रोड ओवरब्रिज पर 42 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यह पुल लेवल क्रॉसिंग पर लंबे इंतजार को समाप्त करेगा. सिउड़ी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी.

55 करोड़ से बना रोड ओवरब्रिज

कुमारपुर में बाराचक एवं हीरापुर यार्ड लाइन के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 1एसपीएल/ई की जगह बने रोड ओवरब्रिज पर 55 करोड़ रुपए खरक्च हुए हैं. यह पुल जीटी रोड कॉरिडोर पर है. यह आसनसोल शहर, पश्चिम बर्द्धमान जिले के बड़े हिस्से और झारखंड को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कनेक्टिंग रोड है. इससे बंगाल में और पड़ोसी राज्यों के साथ व्यापार एवं यातायात को रफ्तार मिलेगी. सुरक्षा में सुधार होगा. आसनसोल और इसके आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का लोड घटेगा.

इसे भी पढ़ें

हावड़ा से हुगली तक चली थी पहली ट्रेन, खामोश शुरुआत से स्वर्णिम अध्याय तक का ऐसा रहा पूर्वी भारत में रेलवे का सफर

कोलकाता मेट्रो के रबींद्र सरोवर स्टेशन पर बड़ा हादसा, रेलवे ट्रेक पर कूदा आदमी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >