जब तक रेलवे से पुनर्वास नहीं, तब तक बस्ती से विस्थापन नहीं : कीर्ति आजाद

पूर्व बर्दवान जिले की बर्दवान नगरपालिका के वार्ड चार के चार खंभा इलाके में रेल भूमि पर वर्षों से रह रहे बस्तीवासियों को हटाने की तैयारी के बीच सोमवार सुबह राजनीतिक माहौल गरमा गया.

बर्दवान/पानागढ़.

पूर्व बर्दवान जिले की बर्दवान नगरपालिका के वार्ड चार के चार खंभा इलाके में रेल भूमि पर वर्षों से रह रहे बस्तीवासियों को हटाने की तैयारी के बीच सोमवार सुबह राजनीतिक माहौल गरमा गया. बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद कीर्ति आजाद बस्तीवासियों के समर्थन में मौके पर पहुंचे और रेलवे की कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया. सांसद ने साफ शब्दों में कहा, “जब तक पुनर्वास नहीं, तब तक विस्थापन नहीं. बर्दवान की एक भी बस्ती को उजड़ने नहीं देंगे.” उन्होंने आगे कहा कि रेलवे पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे, उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाये.

डीआरएम को फोन कर कार्रवाई रोकने की मांग

मौके पर मौजूद सांसद ने पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल के डीआरएम विशाल कपूर को फोन कर तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग की. उन्होंने बर्दवान रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह से बस्तीवासियों के लिए रास्ता बंद किए जाने के मुद्दे को भी उठाया और इसे तुरंत खोलने का अनुरोध किया. सांसद ने कहा कि गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलाना अन्याय है. “हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विनाश के खिलाफ हैं. पहले पुनर्वास की पुख्ता योजना दी जाये.

करीब 400 परिवारों पर विस्थापन का खतरा

बताया जाता है कि इस बस्ती में लगभग 400 परिवार, यानी करीब 2000 लोग रहते हैं. रेलवे की ओर से इससे पहले बस्ती खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद से लोगों में असमंजस व चिंता का माहौल है. मौके पर बर्दवान दक्षिण के तृणमूल विधायक खोकन दास सहित अन्य स्थानीय नेता भी उपस्थित थे. फिलहाल मामले पर रेलवे की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, जबकि बस्तीवासी पुनर्वास की स्पष्ट घोषणा होने तक आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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