मलियारा के समरेंद्र की कलाकृति बढ़ायेगी बेंगलुरू के दुर्गा मंडप की शोभा

जिले के मलियारा गांव के अनुभवी कलाकार समरेंद्र मिश्रा (78) ने चावल की भूसी से अनूठी कलाकृति बनायी है, जो बेंगलुरू भेजी जा रही है.

बांकुड़ा.

जिले के मलियारा गांव के अनुभवी कलाकार समरेंद्र मिश्रा (78) ने चावल की भूसी से अनूठी कलाकृति बनायी है, जो बेंगलुरू भेजी जा रही है. बागान घाटा रोड स्थित दुर्गापूजा समिति के मंडप को उनकी इस अनूठी कलाकृति से सजाया जायेगा.

दुर्लभ भूसी की कला व तकनीक

समरेंद्र मिश्रा ने केवल धैर्य, अनुभव व दृष्टिकोण के सहारे चावल की भूसी को आकार दिया और सजाया है, बिना कृत्रिम रंग या आधुनिक उपकरणों के. उनके काम में गांव की सादगी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुंदरता दोनों झलकती है. इससे पहले उनकी कला दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता की दुर्गा पूजा मंडपों में भी देखी जा चुकी है और उन्हें कई प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न और पुरस्कार प्राप्त हैं.

सहयोग और निरंतर प्रयास

वयोवृद्ध कलाकार समरेंद्र मिश्रा आज भी कला का अभ्यास जारी रखे हुए हैं. उनकी पत्नी समय-समय पर उनके काम में मदद करती हैं, जिससे घर में नई कलाकृतियाँ जन्म ले रही हैं. स्थानीय लोग मानते हैं कि यह पुआल कला पूरे बंगाल की शान है और अब जब यह बेंगलुरु की दुर्गा पूजा तक पहुंच रही है, तो बंगाल की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में फैल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार समरेंद्र मिश्रा का यह शिल्प केवल सजावटी वस्तु नहीं बल्कि बंगाल की लोक विरासत का बहुमूल्य दस्तावेज़ है. यदि सरकारी या निजी पहल से इसे बढ़ावा दिया जाए, तो यह शिल्प अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बना सकता है. मलियारा और पूरे बांकुड़ा को उम्मीद है कि यह कला विश्व स्तर पर गर्व से स्थापित होगी.

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By AMIT KUMAR

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