सेल-इस्को इस्पात संयंत्र के बर्नपुर अस्पताल के शिशु रोग विभाग में हाल ही में एक संवेदनशील और सराहनीय पहल शुरू की गई है. इस पहल का उद्देश्य शिशु वार्ड में भर्ती नन्हे मरीजों के लिए अस्पताल के वातावरण को अधिक आनंददायक, सकारात्मक और सुकूनदायक बनाना है. अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि उपचार के दौरान बच्चों को केवल दवाइयों ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक माहौल की भी आवश्यकता होती है.
मनोरंजक और रचनात्मक क्रियाकलाप शुरू
नयी पहल के तहत अस्पताल परिसर में बच्चों के लिए विविध मनोरंजक और रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है. इससे उपचाररत बच्चों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी और वे स्वयं को सहज महसूस कर सकेंगे. दुर्गापुर स्टील प्लांट अस्पताल के प्रमुख डॉ राज रंजन कुमार, जिन्हें वर्तमान में बर्नपुर अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, ने बताया कि यह प्रयास बच्चों को मोबाइल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने में भी सहायक होगा. उनके अनुसार इस तरह की गतिविधियां बच्चों के मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
बच्चों के मनोबल व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
बर्नपुर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ उदय कुमार दास ने कहा कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य बच्चों की चिंता और तनाव को कम करना, उनका मनोबल बढ़ाना तथा सकारात्मक सोच विकसित करना है. शिशु रोग विभाग की प्रभारी डॉ सुलक्षणा चवन ने कहा कि विभाग न केवल चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहा है, बल्कि मानवीय संवेदना और समर्पण का भी उदाहरण पेश कर रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए खुशनुमा और सहयोगी वातावरण तैयार कर अस्पताल ने नन्हे मरीजों और उनके परिवारों को आशा और विश्वास का संदेश दिया है. इस पहल के लिए विभाग की पूरी टीम प्रशंसा की पात्र है.