रामपुरहाट अस्पताल में सोनाली से मिले अभिषेक, बेटे का नाम रखा ‘आपन’
राज्य में मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआइआर) एवं उसके बाद जारी मसौदा-सूची और फिर चल रही सुनवाई (हीयरिंग) को लेकर सियासी खींचतान के बीच तृणमूल कांग्रेस के ‘सेनापति’ माने जानेवाले उसके राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को जिले के रामपुरहाट महकमा के विनोदपुर मैदान में रण-संकल्प सभा को संबोधित किया.
बीरभूम
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राज्य में मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआइआर) एवं उसके बाद जारी मसौदा-सूची और फिर चल रही सुनवाई (हीयरिंग) को लेकर सियासी खींचतान के बीच तृणमूल कांग्रेस के ‘सेनापति’ माने जानेवाले उसके राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को जिले के रामपुरहाट महकमा के विनोदपुर मैदान में रण-संकल्प सभा को संबोधित किया. उसके बाद शाम को सांसद अभिषेक ने रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जाकर सोनाली खातून से मुलाकात की और उनके हाल जाना. उनकी मुलाकात अस्पताल के प्रसूति विभाग में भर्ती सोनाली खातून से हुई. सोनाली की गुजारिश पर अभिषेक बनर्जी ने उनके नवजात बेटे का नाम ‘आपन’ रखा. मालूम रहे कि सोनाली खातून ने सोमवार को ही रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया है. ध्यान रहे कि अभिषेक ने पहले ही कहा था कि वह सोनाली से अस्पताल में जाकर मिलेंगे. इससे पहले रामपुरहाट के विनोदपुर मैदान में जनसभा के बाद अभिषेक बनर्जी सीधे मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहुंचे. अस्पताल से निकलने के बाद अभिषेक ने कहा, “मैं सोनाली बीबी से मिला. दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं. प्रोटोकॉल और संक्रमण के डर से नवजात बच्चे के पास नहीं गया. लेकिन जनसभा करने के बाद यहां आ गया.अभिषेक के मुताबिक सोनाली और उनकी मां ने नवजात बच्चे का नाम रखने की गुजारिश की. मैंने नाम ‘आपन’ रख दिया है. जिस तरह से सोनाली को बांग्लादेश में ढकेल दिया गया था, वो अकल्पनीय है. हर कोई हमारा है. उन्होंने सोनाली को बांग्लादेशी बता कर हुए उत्पीड़न की तीखी निंदा की. अभिषेक ने दावा किया कि केवल बांग्ला बोलने के अपराध के लिए उन्हें बांग्लादेश में ‘ढकेल दिया गया’. तृणमूल सांसद ने दावा किया कि उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सोनाली को वापस बंगाल लाया गया. अभिषेक ने जोर देते हुए कहा, ””””बांग्ला बोलने के गुनाह में सोनाली को भाजपा शासित राज्य में सजा दी गयी. उसे ””बांग्लादेश’ भेज दिया गया. हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें वापस लाया गया है. यहीं नहीं, उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से यातना झेलनी पड़ी. अभिषेक ने तल्ख लहजे में कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार को सोनाली के आंसुओं की कीमत चुकानी होगी.
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