जाको राखे साइयां मार सके न कोई

आद्रा : ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ कहावत सच साबित हुयी पुरुलिया में. पिता की मौत की खबर मिलते ही जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने के लिये रेल पटरी पार करते समय सामने से आ रही ट्रेन को देखकर एक महिला ने अपनी अकलमंदी के कारण ट्रेन के नीचे आने के बाद भी सही […]

आद्रा : ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ कहावत सच साबित हुयी पुरुलिया में. पिता की मौत की खबर मिलते ही जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने के लिये रेल पटरी पार करते समय सामने से आ रही ट्रेन को देखकर एक महिला ने अपनी अकलमंदी के कारण ट्रेन के नीचे आने के बाद भी सही सलामत बच गयी.

प्रत्यक्षदर्शी प्रकाश महतो ने बताया कि रविवार की सुबह आठ बजे सुमीता पुरुलिया स्टेशन की ओर आ रही थी. उस समय आद्रा की ओर से एक मालगाड़ी पुरुलिया की ओर आ रही थी. महिला उस समय रेल पटरी पार कर रही थी. ट्रेन महिला के नजदीक आते ही महिला ने ट्रेन को देखकर घबड़ा गयी.

तुरंत महिला दोनो पटरियों के बीच सीधा सो गयी. पूरी माल गाड़ी ट्रेन उस पटरी से गुजर गयी और महिला अपने हाथ में बैग लिये पटरी के नीचे सोयी रही. ट्रेन के गुजर जाने के बाद महिला काफी दहशत में थी. देखा कि सही सलामत पड़ी महिला को तुरंत जाकर उठाया. महिला पुरी तरह से स्वस्थ रही कहीं एक खरोच भी नहीं आया. वह सीधा पुन: अपने गंतव्य स्थान की ओर निकल पड़ी.

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