दुर्गापुर : मध्यप्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कुर्सी संभालते ही बिहार और यूपी वालों के लिये दिये गए बयान से राजनीतिक भूचाल आ गया है. देशभर के साथ शिल्पांचल में भी कमलनाथ के बयान पर उबाल दिख रहा है. उनके बयान की चहु ओर निंदा हो रही है. बिहार और यूपी वाले कमलनाथ के इस बयान से खासे नाराज दिख रहे हैं.
दरअसल कमलनाथ ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि यूपी और बिहार की वजह से एमपी के स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिल पा रही है. इसके बाद पूरे देश में भूचाल आ गया. दुर्गापुर तैलीक साहू समाज के उपाध्यक्ष शिवनारायण साव ने इस बयान को संघीय ढांचे पर हमला बताया.
यूपी, बिहार के लोग अपनी मेहनत के बल पर रोजगार पाते हैं. यह बयान बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों का अपमान है. शिक्षक जितेंद्र पांडे और प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि देश का संविधान देश के किसी भी कोने में किसी भी नागरिक को रहने, पढ़ने और काम करने की आजादी देता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान से क्षेत्रीयता को बढावा मिलता है.
किसी भी प्रदेश के मुखिया व जिम्मेदार लोगों को इस प्रकार के बयानबाजी से बचने की जरूरत है. युवा बैंक प्रबन्धक मिथिलेश यादव का कहना है कि टैलेंट के बल पर कोई भी देश में कहीं भी रोजगार कर सकता है. नवयुवक स्वर्णकार समाज के कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार वर्मन का कहना है कि देश के कानून में ऐसा नहीं है कि कोई कहीं नहीं जा सकता और नौकरी नहीं कर सकता है.
बिहार और यूपी के लोगों ने अपनी मेहनत के बल पर पूरे देश में अपना झंडा गाड़ रखा है. दुर्गापुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव भोला भगत का कहना है कि बिहार और यूपी के लोग अपनी मेहनत के बल पर रोजगार पाते हैं. क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाले बयान की निंदा होनी जरूरी है.
इस तरह का बयान देश की कौमी एकता को कमजोर करता है. भाजपा नेता रमन शर्मा ने कहा कि विभाजनकारी नीति कांग्रेस के डीएनए में है. उन्होंने कांग्रेस पर क्षेत्रीयता का बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से क्षेत्रीयता, जातीयता, सांप्रदायिकता के आधार पर जनता को बांटकर शासन करती रही है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ से इससे ज्यादा की आशा करनी ही नहीं चाहिये.
