विधायक सुदीप मुखर्जी से लोगों के सवाल, सूची से कैसे हट गये नाम
पुरुलिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले जन-संपर्क पर निकले भाजपा विधायक सुदीप मुखर्जी को सोमवार को मतदाताओं और इलाके के बीएलओ के सवालों का सामना करना पड़ा.
पुरुलिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले जन-संपर्क पर निकले भाजपा विधायक सुदीप मुखर्जी को सोमवार को मतदाताओं और इलाके के बीएलओ के सवालों का सामना करना पड़ा. लोगों ने आरोप लगाया कि एसआइआर प्रक्रिया के दौरान कई वैध मतदाताओं के नाम मतदाता-सूची से हटा दिये गये हैं. आखिर ऐसा कैसे हो गया.
मतदाताओं ने उठाया नाम हटाने का मुद्दा
स्थानीय उत्तम नंदी ने बताया कि नयी मतदाता-सूची में उनके पिता का नाम हटा दिया गया है, जबकि उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम अब भी सूची में हैं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह जिला शासक कार्यालय भी गए, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. बीएलओ को जानकारी देने के बाद भी समाधान नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने सीधे विधायक सुदीप मुखर्जी से पूछा कि उनके पिता का नाम दोबारा मतदाता सूची में कब और कैसे जोड़ा जाएगा. इलाके के बीएलओ रखोहरि दत्त ने बताया कि इस क्षेत्र में 12 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. उनके अनुसार सभी दस्तावेज जिला शासक कार्यालय को सौंप दिए गए थे. वहां से कहा गया था कि बीएलओ लोगों को सूचना देंगे, लेकिन उन्हें ऐसा कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए, उन्होंने समय पर सभी कागजात जमा किए थे, फिर भी उनके नाम क्यों हटे, यह स्पष्ट नहीं है.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
विधायक सुदीप मुखर्जी ने माना कि कुछ वास्तविक मतदाताओं के नाम भी सूची से हट गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की कुछ साजिशों और एसआइआर प्रक्रिया में एआई आधारित प्रणाली के कारण कई खामियां सामने आई हैं. उनका कहना है कि जो लोग देश और राज्य के वैध निवासी हैं, उनके नाम मतदाता सूची में रहने चाहिए, जबकि बाहरी और फर्जी नाम हटाए जाने चाहिए.
विधायक का आश्वासन
विधायक सुदीप मुखर्जी ने आश्वासन दिया कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटे हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल कराने के लिए चुनाव आयोग और जिला प्रशासन के साथ पहल की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिले में चुनावी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिला शासक पर होती है, इसलिए उन्हें इन मामलों पर तुरंत कदम उठाना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजीव लोचन सोरेन ने आरोप लगाया कि जिले में 2404 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि सभी ने अपने दस्तावेज जमा किए थे. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से कई असली मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हो रहे हैं. राजीव लोचन सोरेन के अनुसार तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और इसी कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी लगातार चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में हो रही पूरी प्रक्रिया भाजपा के इशारे पर चल रही है और जनता के बीच इसका जवाब देना पड़ेगा.
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