सांकतोड़िया : कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए इसीएल के सीएमडी एके सिंह के निर्देश पर गुणवत्ता जागरूकता पखवारा सोमवार को कंपनी मुख्यालय में शुरू हुआ. तकनीकी निदेशक (संचालन) सुनील कुमार झा, तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) जे पी गुप्ता, वित्त निदेशक संजीव सोनी, महाप्रबंधक (पीएंडआइआर) रवींद्र कुमार राउत, सीएमडी के तकनीकी सचिव नीलाद्री राय, महाप्रबंधक (गुणवता) एके बक्शी, महाप्रबंधक बीएन मिश्रा आदि मौजूद थे. सम्मेलन कक्ष में सेमिनार का आयोजन हुआ. इसका संचालन तकनीकी निदेशक (संचालन) श्री झा ने किया.
इसमें अधिकारियों तथा कर्मियों ने गुणवत्ता के प्रति सदैव सचेत रहने की शपथ ली. श्री झा ने कहा कि उत्खनित कोयले की गुणवता को बनाये रखना पहली प्राथमिकता है. इसमें सुधार की ओर सामूहिक रबप से अग्रसर होना होगा. इससे ग्राहक संतुष्ट रहेंगे तथा कोयले की उचित मूल्य मिलेगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 -18 में कोयले के ग्रेड फिसलने के कारण कंपनी को 272 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. चालू वित वर्ष में 350 करोड़ रुपये के नुकसान होने की आशंका है. इसे कम से कम स्तर पर लाने के लिए सभी को विचार करना होगा नहीं तो दिन प्रतिदिन कंपनी का नुकसान बढ़ता ही जायेगा.
तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) श्री गुप्ता ने क्वालिटी अच्छी होने पर उसकी कीमत अच्छी मिलती है. कोयले की क्वालिटी में सुधार होगा तो निश्चित ही कीमत भी अच्छी मिलेगी. बिजली कंपनियां भी ज्यादा से ज्यादा बिजली उत्पादन कर सकेंगी. गुणवत्ता में शत-प्रतिशत सुधार के लिए रिसर्च व तकनीक का उपयोग जरूरी है. उन्होंने कहा कि गुणवत्ता विचारों में भी लाये. कंपनी के लिए भी अच्छा संदेश होगा. सभी कार्य समय पर पूरा करें. वित्त निदेशक श्री सोनी ने कहा कि कंपनी का कोयला बेहतर क्वालिटी का है. यह कोयला काफी महंगा बिकता है रानीगंज क्षेत्र में ज्यदातर कोयला जी -3 ,जी -4 एवं जी 5 ग्रेड के कोयला है. सालानपुर और मुगमा क्षेत्र में जी -6 एवं जी -7 ग्रेड तथा राजमहल में जी 13 ग्रेड के कोयला है.
