आसनसोल : एटक से संबद्ध कोलियरी मजदूर सभा (सीएमएस) की कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को यूनियन कार्यालय में कार्यकारी अध्यक्ष जीएस ओझा की अध्यक्षता में हुयी. इसमें पूर्व अध्यक्ष कन्हैया दूबे के असामयिक निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. बैठक में आगामी एक अगस्त को सभी कोलियरियों में सिदुली शहीदी दिवस मनाने तथा पूरे अगस्त माह केंद्र सरकार की श्रमिक व उद्योग विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने के लिए कुर्बानी जरूरी होती है तथा सिदुली में श्रमिकों ने अपनी शहादत देकर यूनियन की नींव मजबूत की थी. शहादत की परंपरा से प्रेरणा लेकर यूनियन को मजबूत करने के लिए लगातार आंदोलन करना होगा. लगातार संघर्ष ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिक तथा उद्योगविरोधी निर्णय ले रही है. कोल इंडिया का अस्तित्व समाप्त करने के लिए निजी कोयला कंपनियों को वाणिज्यिक उत्पादन का अधिकार दे दिया गया है. घाटे के नाम पर कोयला रहते हुए भी खदानों को बंद किया जा रहा है. इसका मकसद इन खदानों को निजी कंपनियों को सौंपना है. उन्होंने कहा कि खदानों को बंद करने के बाद श्रमिकों तथा कर्मियों का तबादला किया जा रहा है. लेकिन इस घाटे के लिए किसी भी अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया जा रहा है. श्रमिकों तथा कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक है तथा अधिकारियों की नियुक्ति लगातार हो रही है.
श्री सिंह ने कहा कि प्रबंधन श्रमिकों के मिले अधिकारों में भी कटौती करते जा रहा है. किसी भी स्तर की जेसीसी को महत्व नहीं दिया जा रहा है तथा प्रबंधन मनमाने निर्णय ले रहा है. इसे रोकने के लिए पूरे अगस्त माह विभिन्न कोलियरियों में आंदोलन किया जायेगा.
बैठक में शांतिगोपाल मुखर्जी, कल्याण बनर्जी, गौतम साधू, विजय मंडल, योगेन्द्र प्रसाद, गुरूदास चक्रवर्ती, रमेश सिंह, शैलेन्द्र सिंह, गणेश सिंह, इम्तियाज अंसारी, राजेश सिंह, दिनेश कुमार, देवाशीष गांगुली, प्रदीप गांगुली आदि ने संबोधित किया.
