आसनसोल : पूरे पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या, झूठे मामलों में फंसाने व राज्य में तृणमूल के आतंक के खिलाफ गणतंत्र स्थापना की मांग के समथर्न में भाजपा जिला कमेटी ने रविवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आसनसोल गिरजा मोड के समक्ष विरोध सभा आयोजित की. इसके पहले आसनसोल स्टेशन परिसर से बड़ी संख्या में पार्टी कर्मियों तथा समर्थकों ने जुलूस निकाला. हालांकि ऐन मौके पर लगातार बारिश होने से सभा जल्दबाजी में समाप्त करनी पड़ी.
सभा से पहले आसनसोल स्टेशन परिसर से भारी उद्योग सह लोक उपक्रम राज्य मंत्री सह स्थानीय सांसद बाबुल सुप्रिय, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी, भाजपा के राज्य महासचिव शायंतन बोस, पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष लखन घुरूई, भाजपा नेत्री अर्पणा सेनगुप्ता के नेतृत्व में पार्टी कर्मियों व समर्थकों ने जुलूस निकाला. इसमें पूरे जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये कर्मियों व समर्थकों ने भाग लिया.
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री सुप्रिय ने कहा कि राज्य भर में शासक दल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आतंक चल रहा है. पंचायत चुनावों के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को नामांकन तक नहीं करने दिया गया. जिलाध्यक्ष लखन घुरूई पर हमला कर उन्हें भी घायल कर दिया गया. पुरूलिया में भाजपा कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या कर दी गयी. भाजपा के विकास कार्य के दहशत से ही तृणमूल हिंसा के मार्ग पर उतरने को बाध्य हुई है. उन्होंने कहा कि शांति ओर सौहार्द प्रिय बंगाल की धरती पर किसी भी चुनाव में इससे पहले इतना रक्त नहीं बहा था. इस वर्ष पंचायत चुनावों के दौरान हुई है. उन्होंने कहा कि नजरूल और रविंद्र नाथ टैगौर की धरती इनके कारनामों से शर्मसार हुई है.
उन्होंने कहा कि उनसे उनके कार्यकाल के दौरान किये गये कार्यों का हिसाब मांगने वाले पहले अपने कार्यों का हिसाब आसनसोल की जनता को दें. उन्होंने कहा कि आसनसोल में विकास के लिए केंद्र से सैकड़ों करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गयी. इसके बावजूद तृणमूल नेता उन्हें आसनसोल के विकास कार्य में बाधा देते रहे. उनके आमंत्रण देने के बावजूद भी तृणमूल के कई वरिष्ठ नेता उनके कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान सर्वे के दौरान आसनसोल शहर को देश का सर्वाधिक दूसरा गंदा शहर घोषित किया गया था. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जहां के राजनेताओं के मन में इतनी गंदगी हो, भला वह शहर कैसे साफ रह सकता है?
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने कहा कि यह गणतांत्रिक राष्ट्र है. यहां हिंसा का कोई स्थान नहीं है. परंतु तृणमूल के नेता सत्ता में बने रहने के लिए अब हिंसा की ओछी राजनीति पर उतर आये हैं. पंचायत चुनावों में राज्य भर में भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया गया. पूरे राज्य में हिंसा, महिलाओं पर शारीरीक अत्याचार और उत्पीड़न चरम पर है. मुख्यमंत्री एक महिला होने के बावजूद वे राज्य की महिलाओं को सुरक्षा दे सकने में असमर्थ हैं.
भाजपा के राज्य महासचिव शायंतन बोस ने तृणमूल के आतंक के खिलाफ राज्य की जनता को एकजुट होकर विरोध करने का आग्रह किया. बंगाल की कानून व्यवस्था को काफी घटिया और सबसे निचले स्तर पर बताते हुए उन्होंने जनता से जागरूक होने को कहा. उन्होंने कहा कि बंगाल के विकास के लिए भाजपा की सरकार राज्य में भी गठित करनी होगी. आतंक से राज्य को मुक्त करने के लिए तृणमूल को राज्य से हटाना होगा. इसके सिवाय और कोई विकल्प नहीं है.
सभा के दौरान मंच पर दुर्गापुर से नितिन नायक और अर्जुन चंद के नेतृत्व में आये तृणमूल कार्यकर्ताओं को मंत्री श्री सुप्रिय ने पार्टी का झंडा थमा कर पार्टी में शामिल किया. भाजपा में शामिल होने वाले श्री नायक ने कहा कि केंद्र सरकार के विकास कार्यों तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासमूलक कार्योँ से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा में योगदान दिया है. भाजपा के जिला महासचिव सुब्रत मिश्र, अपूर्व हाजरा, जिला उपाध्यक्ष प्रशांत चक्रवर्ती, सभापति सिंह, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष आशा शर्मा, पार्षद भृगु ठाकुर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के शंकर चौधरी, प्रशांत चक्रवर्ती, मंडल अध्यक्ष मदन मोहन चौबे, राजेश तिवारी, बापी साहा, भाजयुमो के संतोष वर्मा, कुंदन ठाकुर, सुधीर पासवान, सुष्मिता दास आदि उपस्थित थीं.
सभा को संबोधित नहीं कर सके राहुल सिन्हा
जुलूस तथा आमसभा में शामिल होने कोलकाता से अपनी कार से आसनसोल आने के क्रम में भाजपा के महासचिव राहुल सिन्हा ट्रॉफिक जाम में फंसने के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके. कार्यक्रम के समापन के बाद वे सभा स्थल पर पहुंचे. केंद्रीय राज्यमंत्री श्री सुप्रिय और महिला प्रदेश अध्यक्ष सुश्री चटर्जी से मुलाकात कर वे उनके काफिले के साथ सभा स्थल से रवाना हो गये.
पुलिस बल की बड़ी संख्या में तैनाती
सभा के दौरान जिला प्रशासन के स्तर से सभा स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी. सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रॉफिक) प्रशांत कुमार दास दल-बल के साथ मौजूद थे. सभा के दौरान जीटी रोड के सभा स्थल से सटे अप लेन से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था.
