कूचबिहार : तृणमूल के ही एक गुट द्वारा अपमानित किये जाने की घटना पर मर्माहत उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने कहा है कि वे अन्याय के खिलाफ किसी भी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं. इसके लिये अगर उन्हें अपने जीवन का बलिदान देना पड़े तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे. उल्लेखनीय है कि सोमवार को देवानहाट चौपथी में दलीय कार्यकर्ताओं द्वारा अपमानित किये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में रवींद्रनाथ घोष ने इसके लिये सांसद पार्थप्रतिम राय को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है.
कहा है कि जिस व्यक्ति को उन्होंने जमीन से उठाकर सांसद बनवाया वह दल के साथ विश्वासघात करेगा इसकी कल्पना तक उन्होंने नहीं की थी. गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की स्थापना काल से दल के साथ जमीनी तौर पर जुड़े रहे रवींद्रनाथ घोष ने दल के पौधे को सींचकर आज जिले में इस मुकाम पर पहुंचाया है. लेकिन कुछ लोगों की आंखों में वह खटकने लगे हैं.
मंत्री ने सीधे आरोप लगाया कि जिस समय देवानहाट चौपथी में उक्त घटना घटी उसके ठीक दस मिनट पहले सांसद पार्थप्रतिम राय वहां मौजूद थे. वर्तमान में सांसद ने दल में समाज विरोधियों को प्रश्रय देकर दल के सिद्धांतों की तिलांजलि दे दी है.
पार्टी को विभाजित करने की साजिश में वह संलिप्त हैं. साथ वे मुख्यमंत्री एवं दलीय प्रमुख ममता बनर्जी की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं. मंत्री ने माना कि पूर्व सांसद रेणुका चौधरी के निधन के बाद उपचुनाव के जरिये पार्थ प्रतिम राय को सांसद बनवाना उनके जीवन की एक बड़ी भूल रही. जिस व्यक्ति में पंचायत सदस्य होने की योग्यता नहीं है उसे उन्होंने सांसद चुने जाने में मदद की.
उनके जैसा धोखेबाज और विश्वासघाती, बेइमान और सत्तालोलुप दुनिया में कोई नहीं है. उन्होंने बताया कि घटना के बारे में उन्होंने आला कमान को अवगत कराया है. अगले लोकसभा चुनाव में अगर दलीय नेतृत्व ऐसे नीतिहीन व्यक्ति को उम्मीदवार बनाता है तो वे भी राजनीति में सक्रिय बने रहने पर पुनर्विचार करेंगे. लेकिन किसी भी तरह की अनैतिकता के साथ समझौता नहीं करेंगे. अन्य किसी दल में जाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है. एक आम आदमी के बतौर जीने का प्रयास करेंगे.
