आसनसोल : इसीएल में निजी सुरक्षा कर्मियों की बहाली के लिए जारी निविदा में एनआईटी के आधार पर कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जायेगी. इसे लेकर ठेका प्राप्त एजेंसी को सख्त हिदायत दी गयी है. यदि वह एनआईटी के नियमों के आधार पर कर्मियों की बहाली नहीं करती है तो उसका ठेका रद्द हो सकता है.
एनआईटी के आधार पर बहाली होने पर पुराने सिर्फ 200 कर्मियों का ही पुनर्नियोजन संभव हो पायेगा. सोमवार को महकमा शासक कार्यालय में हुयी त्रिपक्षीय बैठक में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा नहीं हुयी. हालांकि अधिकार यूनियन की संयुक्त सचिव सुदीप्ता पाल ने इस मुद्दे को उठाया कि एनआईटी के आधार पर कर्मियों की बहाली होने से सिर्फ 200 पुराने गार्ड को ही नौकरी मिल पायेगी. उन्होंने पुराने सभी कर्मियों को ही कार्य पर रखने की मांग की. सुश्री पाल ने कहा कि यदि पुराने कर्मियों की बहाली में कोई भी अड़चन आती है तो पुनः आंदोलन होगा.
दो खेमों में कर्मियों की बहाली की लिस्ट बन रही है: इसीएल में सुरक्षा अजेंसिनक ठेका प्राप्त करने वाली तीन निजी कंपनी किन कर्मियों को अपने यहां बहाली करेगी, किस प्रकार बहाली करेगी यह सबसे जटिल समस्या आरम्भ हो गयी है. एक ओर एनआईटी के नियम और दूसरी ओर पूर्व कर्मियों की बहाली. जिसे लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे है. दो राजनैतिक पार्टी के खेमों में कर्मियों की लिस्ट बनाई जा रही है. जिन्हें बहाली के लिए एजेंसी को सौपा जायेगा. इसी लिस्ट के आधार पर कर्मियों की बहाली होने की संभावना है. इस लिस्ट में अपना नाम डलवाने के काफी पैरबी की जरूरत हो रही है.
निजी सुरक्षाकर्मियों के लिए निधार्रित किये गये नये मापदंड, पालन जरूरी
इसीएल ने निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से कंपनी में कुल 1700 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के लिए निविदा जारी की थी. पांच पुल में से तीन पुल की निविदा की प्रक्रिया पूरी हो गयी और सुरक्षा एजेंसी को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस जारी कर दिया गया. सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति का जो मापदंड इसीएल ने एनआईटी में दिया है, उसमें न्यूनतम पढ़ायी की योग्यता माध्यमिक (कक्षा दस), उम्र 18 से 50 साल, उच्चता 5.4 फीट, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य, कैरेक्टर एंड एंटीसीडेंट की पुलसि जांच रिपोर्ट आदि होना अनिवार्य है.
कंपनी के वरीय अधिकारी ने बताया कि न्यूनतम वेतन जब कर्मियों को दिया जायेगा, तब नौकरी के लिए न्यूनतम योग्यता भी होनी चाहिए. एजेंसी को कर्मियों के न्यूनतम वेतन के आधार पर भुगतान किया जायेगा. ऐसे में सभी कंपनी यह चाहेगी कि इसी के आधार पर उन्हें कार्य मिले. एजेंसी यदि एनआईटी के नियमों का उलंघन करती है तो उसे ब्लैक लिस्ट किया जायेगा. इससे पूर्व भी यह किया जा चुका है. जिसके कारण ही पिछले डेढ़ वर्षों से यह समस्या चल रही है.
