पानागढ़. वीरभूम जिले के पारूई थाना अंतर्गत बड़ाल ग्राम में डायन के संदेह में विधवा आदिवासी महिला तथा उसके दो बच्चों पर ग्रामीणों के हमले के बाद घर व गांव से बाहर निकाले जाने की घटना को लेकर वीरभूम जिलाशासक पी मोहन गांधी ने घटना की तीव्र निंदा करते हुये पीड़ित परिवार को पुनः अपने गांव व घर सुरक्षित भेजने के लिए कड़ा कदम उठाने जा रहे हैं.
उन्होंने इस बाबत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सख्त आदेश दिया है. डीएम ने कहा कि इससे पूर्व जिले के बोलपुर में भी इसी तरह का एक मामला प्रकाश में आया था. गांव के नोडल और उसके संगी साथियों ने डायन का आरोप लगाकर आदिवासी महिला तथा उसके परिवार के लिये फरमान जारी कर उन्हें गांव से निकाल दिया था.
घटना में स्वयं जिलाशासक ने हस्तक्षेप करते हुये कड़ा कदम दोषियों के खिलाफ उठाया था. शुक्रवार को बडाल ग्राम की इस घटना को लेकर डीएम ने शख्त आदेश दिये हैं. दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी का आदेश दिया है. अब घटना को लेकर पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर घायल महिला तथा उसके परिवार को बचाकर अपने साथ थाना लेकर आई थी.
महिला तथा उसके दो बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था. घटना के संबंध में आदिवासी विधवा महिला चंपा हासदा ने बताया कि गांव के मोडल गणेश मुर्मू के इशारे पर ही गांव के कुछ लोगों ने उसे डायन करार देकर उसे तथा उसके दो बच्चों पर हमला चलाया था.
चंपा ने कहा कि दो वर्ष पूर्व पति के निधन के बाद वह किसी से ज्यादा बात नहीं करती है. किसी के मामले में हस्तक्षेप नहीं करती है. इसे लेकर ही गांव के कुछ लोगों को उससे नाराजगी थी. इसे लेकर कुछ ग्रामीणों ने उसकी तथा उसके बच्चों की पिटाई कर दी. गांव से बाहर निकालने की कोशिश की गई. घटना को लेकर चंपा ने अभियुक्तों के खिलाफ थाने में अभियोग किया है. पुलिस मामले को लेकर हमलावरों की तलाश कर रही है. बताया जाता है कि एक बार फिर जिले में डायन अपवाद को लेकर आदिवासी महिला की इस तरह बेरहमी से पिटाई की गई. डीएम ने कहा कि पीड़ित परिवार को उनके गांव भेजा जायेगा.
