कंपनी प्रबंधन पर मनमाने निर्णय समेत यूनियनों की उपेक्षा का आरोप, यूनियन प्रतिनिधि करेंगे बहिष्कार

सांकतोड़िया : कोल इंडिया में 10वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया चालू हो रही है. लंबे अर्से बाद स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक तीन जून को होने जा रही है. इसमें पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम की तिथि में बदलाव और महिला कर्मचारियों के वीआरएस सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सांकतोड़िया : कोल इंडिया में 10वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया चालू हो रही है. लंबे अर्से बाद स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक तीन जून को होने जा रही है. इसमें पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम की तिथि में बदलाव और महिला कर्मचारियों के वीआरएस सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. बैठक कोलकता में आयोजित की गई है.
इसमें स्टैंडराइजेशन कमेटी के अध्यक्ष व एनसीएल के सीएमडी पीके सिन्हा, सचिव ओपी श्रीवास्तव , ईसीएल के प्रभारी कार्मिक निदेशक सुनील कुमार झा सहित यूनियन के पदाधिकारी शामिल होंगे. बैठक के लिए कंपनी ने प्रबंधन की ओर से 12 और यूनियन से छह प्रतिनिधियों को बुलाया गया है.
स्टैंडराईजेशन की होने वाली बैठक में शामिल नहीं होने की बात अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (बीएमएस )के महामंत्री सह जेबिसिसिआई सदस्य यज्ञ नारायण सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने के लिए सभी केंद्रीय श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की गयी है. सभी ने आश्वासन दिया हैं कि बैठक में भाग नहीं लेंगे. उन्होंने कहा की कोल इंडिया प्रबंधन अपने मन से कोई भी निर्णय ले ले रहा हैं तो फिर श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों की क्या जरूरत हैं .
इसे लेकर कोयला मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा हैं. उन्होंने यदि इस विषय पर निर्णय नहीं लिया तो प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे. बैठक तीन जून को सुबह साढ़े नौ बजे से आयोजित की गई है. इसमें कई बिन्दुओं पर चर्चा होनी है. सेवा निवृत्त कर्मचारियों के पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम पर पहले चर्चा होगी. यूनियन की तरफ से तिथि बढ़ाने की मांग की जा रही है, ताकि छूटे हुए कर्मचारियों को स्कीम से जोड़ा जा सके. सुपर विजन से जुड़े अफसरों के ओवर टाइम पर बेसिक फिक्सेसन, कोल इंडिया में एक टेक्निकल सब कमेटी के गठन, हाउस रेंट अलाउंस और महिला वीआरएस पर चर्चा होगी. नया वेतन समझौता लागू होने के बाद सीनियर जूनियर की वेतन बढ़ोत्तरी में आई खामियों को दूर करने पर विचार विमर्श किया जायेगा.
श्रमिक संगठनों का कहना है कि 10वें वेतन समझौता में कई बिन्दुओं पर सहमति बनी थी. इसका आज तक कोल इंडिया में पालन नहीं हो रहा है. इसमें गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों को ठीक होने तक 50 फीसदी राशि देने का प्रावधान किया गया है. लेकिन इसका पालन कोल इंडिया और इसकी अनुषांगिक कंपनियों में नहीं हो रहा है. इस पर चर्चा नहीं हुई है. प्रस्ताव ठंडे बस्ते में हैं. इस पर चर्चा के लिए यूनियन ने स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक बुलाने की मांग कर रहे थे.
श्रमिक यूनियन के लिए यह बैठक इतनी महत्वपूर्ण है कि इसे बुलाने के लिए लगातार श्रमिक यूनियन के पदाधिकारी दबाव बना रहे थे और जब मीटिंग नहीं बुलायी गयी तो फिर यूनियन ने कोल इंडिया को पत्र भी लिखा था. इसके बाद कोल इंडिया प्रबंधन मीटिंग बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा. प्रबंधन ने मीटिंग के एजेंडे और इसमें भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के बारे में भी यूनियन के संबंधित पदाधिकारियों को जानकारी दी है.
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