आसनसोल : आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में साईबर क्राईम से जुड़े मामलों में काफी गिरावट आयी है. वर्ष 2018 में कमिश्नरेट के साईबर क्राईम थाना में जनवरी से अब तक कुल पांच एफआईआर दर्ज हुए है.
जनवरी माह में एक, अप्रैल माह में तीन और मई माह में सिर्फ एक एफआईआर दर्ज हुआ है. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि पुलिस की सक्रियता और लोगों की जागरूकता से साईबर अपराध में भारी कमी आयी है. वर्ष 2018 में जो भी शिकायते दर्ज हुयी है, वह फेसबुक, व्हाट्स ऐप से जुड़ी शिकायते है. ठगी की कोई शिकायत इस वर्ष अबतक दर्ज नहीं हुयी है.
इंटरनेट के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए परिसेवा जैसे जैसे बढ़ती गयी, इस क्षेत्र में अपराध ने भी उसी तरह अपना पैर पसारा. साईबर क्राईम से जुड़े मामलों के निष्पादन को लेकर कमिश्नरेट गठन होने के बाद साईबर सेल की स्थापना 2011 में हुयी.
साबर क्राईम से जुड़े मामलों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए वर्ष 2015 में साईबर अपराधों के निष्पादन के लिए स्वतंत्र साईबर क्राइम थाना की स्थापना हुई. यहां एक निरीक्षक, एक अवर निरीक्षक, एक सहायक अवर निरीक्षक और पांच कांस्टेबल है. सभी साईबर अपराध के निष्पादन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है.
पुलिस आयुक्त श्री मीणा ने बताया कि उनके कार्यकाल में हीरापुर थाना, आसनसोल साऊथ थाना और दुर्गापुर थाना क्षेत्र में साईबर अपराध के चार बड़े मामलों का खुलासा हुआ है. यह सारे मामले राष्ट्रीय स्तर के थे.
12 आरोपियों की गिरफ्तारी हुयी. भारी संख्या में मोबाइल, लैप टॉप, सिम कार्ड , आम नागरिकों की जानकारी से जुड़े कागजात और भी अनेकों प्रकार के गैजेट और कागजात जब्त हुए. जिसके उपरांत अपराधियों ने कमिश्नरेट के नागरिकों को निशाना बनाना छोड़ दिया. साईबर अपराध की कोई जगह नहीं होती है. पूरा स्पेश साईबर अपराध का पीओ है.
अपराधी एक जगह बैठकर देश के किसी भी कोने से किसी भी नागरिक को लूट सकता है. पुलिस ने साईबर अपराध से लोगों के बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया. लोगों को बताया गया कि बैंक कभी अपने ग्राहक को फोन नहीं करता है. किसी भी व्यक्ति को अपनी या अपनी बैंक से जुड़ी जानकारी न दे.
