नगरपालिका पर बरसे खाद्य सुरक्षा अधिकारी
बालुरघाट : खाद्य सुरक्षा अधिकारी की छापेमारी में बालुरघाट के अधिकतर रेस्टोरेंट व होटलों में गंदगी समेत कई अनियमितायें पायी गयी. शहर के अधिकांश रेस्टोरेंट व होटलों की रसोईयों में गंदगी मिला. इस दौरान कई रेस्टोरेंट के पास फूड लाइसेंस भी नहीं मिला. प्रशासन ने रेस्टिोरेंट व होटल मालिकों को सतर्क कर दिया है. जानकारी के अनुसार कोलकाता के रेस्टोरेंट में सड़ा मांस मिलने की घटना के बाद राज्य भर में की जा रही छापेमारी के दौरान बालुरघाट के रेस्टोरेंट में देखने को मिला.
देर से ही सही पर जिले के रेस्टोरेंट व होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी शुरू हुई है. बालुरघाट बस स्टैंड इलाके के कुछ रेस्टोरेंट व होटलों से मांस का नमूना संग्रह करने के दौरान अधिकारियों के सामने चौकाने वाली स्थिति देखने को मिली.
रेस्टोरेंट व होटलों में पूरी तरह से गंदगी के बीच रसोई में खाना बनाया जा रहा है. नियमानुसार जिन रेस्टोरेंट व होटलों में सालाना 12 लाख का कारोबार होता है, उन्हें नगरपालिका से 2 हजार रुपए में फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना होता है. हालांकि कई रेस्टोरेंट व होटलों के पास फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं है. इसपर प्रशासनिक अधिकारियों ने नाराजगी जतायी है. उनलोगों ने इसके लिए नगरपालिका पर सवाल उठाये. साथ ही नगरपालिका को मामले की निगरानी करने का निर्देश भी दिया.
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी विश्वजीत मान्ना ने कहा कि होटल व रेंस्टोरेंटों के रसोई, बरतन व कचड़ा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. बड़े-बड़े होटल व रेंस्टोरेंटों के पास फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं है. सिर्फ 100 रुपए से रजिस्टेरशन करके कारोबार कर रहे हैं. मालिकों को सरकारी नियमानुसार जरुरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. बालुरघाट नगरपालिका के चेयरमैन राजेन शील ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के बाद लगातार अभियान चलाया जायेगा.
