दुर्गापुर : कौन कहता है कि आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो. इसे चरितार्थ कर दिखाया है बेनाचिटी इलाके के निवासी सिकंदर अली ने. पेशे से टेक्निकल इंजीनियर सिकंदर को बाइक राइडिंग का शौक शुरू से रहा है. अपने इसी शौक को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी 100 सीसी के बाइक से 18 हजार ऊंची चोलामु या तोसोलुम लेक पर पहुंच कर रिकॉर्ड कायम किया. इस उपलब्धि से उसके परिजन तथा दुर्गापुर के निवासी खुश है.
सिकंदर ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए उन्हें काफी भटकना पड़ा. अच्छी नौकरी नहीं मिलने पर पारिवारिक व्यवसाय में जुट गये. फुटबाल के राष्ट्रीय खिलाडी भी रह चुके है. इसी दौरान उनका बाइक राइडिंग प्रेम हिलोरे मारता रहा.उन्होंने अपनी 100 सीसी के बाइक से कई आयोजनों में हिस्सा लिया. उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और चीन सीमा के समीप 17,800 फुट ऊंची गुरुदोंग्मार लेक जाने का लक्ष्य निर्धारित किया. उन्होंने 13 मई को दुर्गापुर से अपनी यात्रा शुरू की.14 मई को गंगटोक पहुंचे. परमिट लेने के बाद 15 मई को लाचेन पहुंचे. 16 मई को गुरुदोंग्मार लेक पहुंचे. उनका लक्ष्य गुरुडोंग्मार लेक था. परन्तु यहां आकर उन्हें पता चला कि यहां से सिर्फ सात किलोमीटर की दुरी पर ही विश्व की सबसे ऊंची झीलों में से एक चोलामु लेक या तोशोलामु लेक (18,000 फुट) है. उन्होंने इस लेक पर भी पहुंचने का जोखिम उठाया और लक्ष्य हासिल किया. वहां से चीन सीमा सिर्फ पांच किलोमीटर दूर है. उन्होंने अपनी वापसी यात्रा शुरू की और 18 मई की दुर्गापुर पहुंच गये. उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य भविष्य में और भी दुर्गम रास्तो को अपनी बाइक से तय करना है. बीते दो सालो से इसकी तैयारी कर रहे थे.
