गरीबी के चलते पढ़ाई बंद होने से छात्रा ने की खुदकुशी

मालदा: गरीबी की वजह से पढ़ाई-लिखाई बंद होने से एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली. सोमवार सुबह यह घटना मालदा शहर के नौ नंबर वार्ड स्थित उत्तर बालूचक इलाके में घटी है. खबर मिलते ही इंगलिश बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से लटकते छात्रा के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए […]

मालदा: गरीबी की वजह से पढ़ाई-लिखाई बंद होने से एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली. सोमवार सुबह यह घटना मालदा शहर के नौ नंबर वार्ड स्थित उत्तर बालूचक इलाके में घटी है. खबर मिलते ही इंगलिश बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से लटकते छात्रा के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली मृतक छात्रा का नाम रूनकी बसाक (16) है.
वह एक स्थानीय जूनियर हाईस्कूल में पढ़ती थी. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा का परिवार बेहद गरीब है. पैसे की तंगी से मां-बाप ने अपनी बेटी को आगे नहीं पढ़ाने का निर्णय लिया, जबकि रूनकी बसाक आगे पढ़ना चाहती थी. तीन महीने पहले ही माता-पिता ने उसकी पढ़ाई बंद करवा दी थी. मृतक का पिता निरंजन बसाक रिक्शा चालक हैं, जबकि मां बेबी बसाक घर-घर जाकर काम करती है. परिवार में तीन बेटियां थीं. दो बेटी की शादी पहले ही हो चुकी है. रूनकी सबसे छोटी थी. सुबह घर में कोई नहीं था.

इसी दौरान उसने फांसी लगाकर जान दे दी. आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया है कि पिछले कई दिनों से छात्रा का अपने माता-पिता के साथ झगड़ा चल रहा था. वह पढ़ने में काफी अच्छी थी और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी. जबकि गरीब माता-पिता पढ़ाने में सक्षम नहीं थे. इसी वजह से उसकी पढ़ाई बंद हो गयी. वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी. सोमवार सुबह वह घर के सामने लगे नल पर पानी भरने आयी थी. तब उसने कई लोगों से बातचीत भी की थी. वह जाकर आत्महत्या कर लेगी, किसी ने सोचा भी नहीं था. पुलिस ने बताया है कि मृतका के घर के सामने ही एक मैदान है. वहां कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे. बॉल घर में आ गया. बच्चे जब बॉल लेने घर गये, तो छात्रा को फंदे से लटकता देखा.

पढ़ाई में थी होनहार
पुलिस का कहना है कि पढ़ाई बंद होने से ही छात्रा ने आत्महत्या की है या कोई अन्य मामला है, इसकी जांच की जा रही है. इस बीच, बेटी की मौत से माता-पिता दोनों टूट गये हैं. पिता निरंजन बसाक का कहना है कि वह पढ़ना चाहती थी, लेकिन वह पढ़ाई के लिए पैसे देने में सक्षम नहीं थे. रिक्शा चलाकर भला परिवार का पेट पालते या बेटी को पढ़ाते. इसीलिए बेटी को कह दिया था कि आगे की पढ़ाई नहीं करा सकेंगे. इस बात को लेकर वह आत्महत्या कर लेगी, यह किसी ने नहीं सोचा था. स्थानीय जूनियर हाई स्कूल के शिक्षिकाओं का कहना है कि रूनकी पढ़ने में काफी तेज थी. वह पिछले तीन महीने से स्कूल नहीं आ रही थी. आज उसकी मौत की खबर आयी. वह चाहती तो पढ़ाई कर सकती थी. यह बेहद दुर्भाग्यजनक है.

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