प्रसव के एक माह बाद पेट से निकली चार मीटर की पट्टी

हावड़ा: सीजर द्वारा हुए प्रसव के एक महीना बाद मरीज के पेट से चार मीटर लंबा गज (पट्टी) मिलने से हड़कंप मच गया. कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गत सितंबर में प्रसूता उर्मिला दे (27) ने एक बच्ची को जन्म दिया था. पीड़िता घुसुड़ी के भूतबागान इलाके की रहने वाली है. पीड़िता के पति उत्तम […]

हावड़ा: सीजर द्वारा हुए प्रसव के एक महीना बाद मरीज के पेट से चार मीटर लंबा गज (पट्टी) मिलने से हड़कंप मच गया. कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गत सितंबर में प्रसूता उर्मिला दे (27) ने एक बच्ची को जन्म दिया था. पीड़िता घुसुड़ी के भूतबागान इलाके की रहने वाली है. पीड़िता के पति उत्तम दे ने इस मामले में गुरुवार को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करायी है.

उत्तम दे ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि विगत 7 सितंबर को पत्नी उर्मिला दे को प्रसव के लिए कॉलेज स्क्वायर स्थित कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया था. चिकित्सकों ने सीजर किया.

सीजर के हफ्ता भर बाद भी उर्मिला के पेट का घाव सूख नहीं रहा था. लगातार पेट दर्द की शिकायत के बाद गत बुधवार को स्थानीय चिकित्सक आरएस मालाकार के पास इलाज के लिए दे दंपति पहुंचे. चिकित्सक का कहना है कि महिला के पेट का घाव अभी कच्च था. घाव से मवाद निकल रहा था. इलाज के दौरान घाव के पास बाहर की ओर सफेद रंग का सूता निकला हुआ दिखा.

जांच में पता चला की महिला के पेट में एक सफेद कपड़े की पट्टी है. ऑपरेशन कर महिला के पेट से चार मीटर लंबा गज निकाला गया. इस चिकित्सकीय लापरवाही पर चिकित्सक मालाकार भी आश्चर्यचकित हैं. पीड़िता के पति उत्तम दे का कहना है कि चिकित्सकों की इस लापरवाही को माफ नहीं किया जा सकता. जीवनदायी चिकित्सकों के इस लापरवाही के कारण मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >