कोलकाता: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने दावा किया है कि भले ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआइए जांच के संबंध में राज्य के संघीय ढांचे में केंद्र के हस्तक्षेप का आरोप लगा रही हों, हकीकत में एनआइए के गठन व उसकी धाराओं को मंजूरी देनेवाली कमेटी में वह खुद थीं.
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में लोकसभा की उक्त स्टैंडिंग कमेटी में लालकृष्ण आडवाणी व ममता बनर्जी सहित 31 सांसद थे. इसकी धाराओं को इसी कमेटी ने मंजूरी दी, जिसमें कहा गया था कि किन हालातों में एनआइए जांच कर सकती है. अब किस मुंह से ममता बनर्जी एनआइए जांच का विरोध कर रही हैं. उनके इस रवैये से उग्रवादी ही उत्साहित महसूस कर रहे हैं.
श्री सिन्हा ने प्रशासन के रवैये पर भी गंभीर प्रश्न चिह्न खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि गत नौ अक्तूबर को बर्दवान विस्फोट की एनआइए जांच की घोषणा हुई. अगले दिन सुबह ही पुलिस ने विस्फोट स्थल से सामानों के कुछ बैग को हटा दिया. इससे सरकारी कामकाज भी संदेह के घेरे में आ रहा है. उनका कहना था कि पुलिस की सहायता के बिना उग्रवादी इतना बड़ा नेटवर्क स्थापित नहीं कर सकते. जिन दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था, उन्होंने कबूल किया था कि उन्हें उग्रवादी ट्रेनिंग एक मदरसे में मिली थी. लेकिन राज्य प्रशासन ने उक्त मदरसे को अपनी जांच के दायरे में नहीं लाया. पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी सीमा पर कई मदरसों में आतंकी ट्रेनिंग का आरोप लगाया था.
फिर भी राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था. यह सबकुछ सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दावा है कि राज्य में 10 हजार मदरसों को उन्होंने स्वीकृति दी है. लेकिन इतने तादाद में मदरसे ही नहीं हैं. यानी भविष्य में भी मदरसों की स्थापना के लिए जगह तैयार कर ली गयी है. तृणमूल द्वारा सीमा पार से आतंकियों के आने के लिए केंद्र को दोषी ठहराया जा रहा है. लेकिन वह यह भूल रहे हैं कि मौजदा मामले में आतंकी तभी भारत में पहुंचे, तब तृणमूल की दोस्ताना सरकार केंद्र में थी.
तृणमूल ने भाजपा के दावे को किया खारिज
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की ओर से भाजपा के उस दावे को खारिज किया गया है, जिसमें कहा गया है कि एनआइए की धाराओं को मंजूरी देने वाली कमेटी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी थीं. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि ऐसा दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2007 में ममता बनर्जी उस कमेटी में थी, जिसने एनआइए का गठन किया था. पार्थ ने कहा कि आरोप लगानेवाले आरोपों को साबित करें. तृणमूल दावे के साथ यह कहती है कि ऐसा कोई भी दस्तावेज, जो यह प्रमाणित करता है कि ममता उक्त कमेटी में थी, उसे जनता के सामने लाया जाये.
भाजपा पर बरसीं ममता
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के नेता लगातार राज्य के खिलाफ बयान दे रहे हैं. इससे राज्य में अशांति का माहौल पैदा हो रहा है. मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर अपने पोस्ट पर कहा कि राज्य में आपातकालीन अवस्था लाने की साजिश रची जा रही है. राज्य सरकार चुप है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह डर गयी है. हमारे धैर्य की परीक्षा ली जा रही है.
बांटनेवाले दे रहे उपदेश
कोलकाता. तृणमूल सांसद व ममता बनंर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि कुछ दिनों से भाजपा देशभक्ति की बातें कर रही है. यह उनकी नयी सोच है. लेकिन तृणमूल कांग्रेस व उसकी चेयरपर्सन ममता बनर्जी को ऐसी पार्टी से सलाह लेने की जरूरत नहीं, जो भारत को धर्म के आधार पर बांटती हो. बांटनेवाले पर उपदेश दे रहे हैं.
एकता, ईमानदारी, लोगों को समझना, उनका विश्वास हासिल करना, सभी धर्मो का सम्मान आदि कुछ हफ्तों या महीनों में नहीं आता. यह जीवन भर का कार्य है जो ममता बनर्जी से शुरुआत से अपने राजनीतिक जीवन में किया है. निम्न राजनीति को देश की जरूरत नहीं.
