कोलकाता: हावड़ा ट्रैफिक पुलिस द्वारा कथित झूठे मामले में एक टैक्सी चालक को फंसाने के विरोध में शनिवार को एटक समर्थित कोलकाता व पश्चिम बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया तथा गोलाबाड़ी थाने का घेराव किया. इस दौरान यूनियन ने गोलाबाड़ी थाना के ओसी को हावड़ा के पुलिस कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन सौंपा.
गोलमोहर रेलवे कॉलोनी से निकला टैक्सी चालकों का जुलूस एसी मार्केट होते हुए गोलाबाड़ी थाना पहुंचा. जुलूस में शामिल सैकड़ों टैक्सी चालक पुलिस विरोधी नारे लिखे पोस्टर व बैनर लिए हुए थे.
इस दौरान कोलकाता टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन (एटक) के महासचिव व पश्चिम बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष नवल किशोर श्रीवास्तव ने चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि 26 सितंबर को हावड़ा स्टेशन के पास हमारी यूनियन के टैक्सी चालक राजेश कुमार यादव को पुलिसकर्मी ने मारा-पीटा तथा गोलाबाड़ी पुलिस ने उसे एक फर्जी मामले में फंसा दिया. उन्होंने कहा कि हम पुलिस के इस तानाशाही रवैये को कभी सहन नहीं कर सकते. आज का प्रदर्शन एक तरह से आगे होनेवाले आंदोलन का मात्र संकेत भर है. पुलिस को अभी से सतर्क हो जाना चाहिए. हम 26 सितंबर की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं.
इसके पहले हमने पुलिस आयुक्त अजय राना डे को पत्र भी लिखा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. लिहाजा हम थाने का घेराव करने के लिए बाध्य हुए हैं. हम सभी टैक्सी चालकों से आह्वान करते हैं कि वे पुलिस के अत्याचार के खिलाफ एकजुट हों. उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गयीं, तो हम पांच नवंबर को जिला अधिकारी कार्यालय का धेराव करने को बाध्य होंगे.
श्री श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि हावड़ा की ट्रैफिक पुलिस के साथ हावड़ा स्टेशन पर तैनात जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी टैक्सी चालकों के साथ र्दुव्यवहार करते हैं. जुलूस में एटक नेता दिलीप गांगुली, कुबेर सिंह, एकराम खान, प्रवीर दास, मुकेश तिवारी, मोहम्मद अख्तर सहित एटक के अन्य नेता शामिल थे.
