कोलकाता: शारदा घोटाला मामले में सीबीआई अब आरोपपत्र दायर करने की तैयारी कर रही है. चार माह पहले कई करोड़ रुपये के शारदा पोंजी योजना घोटाले की जांच शुरु करने वाली सीबीआई की विशेष अपराधा शाखा अक्तूबर के अंत में पहला आरोपपत्र दायर करेगी.
जांच एजेंसी ने आज बताया, ‘‘गिरफ्तारियों और पूछताछ के बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर हम अक्तूबर के अंत तक पहला आरोपपत्र दायर करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि पहले आरोपपत्र में जांचों के एक हिस्से और उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं.शारदा मामले में एजेंसी आपराधिक षडयंत्र, धन के दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात के पहलुओं की जांच कर रही थी.
अधिकारी ने कहा कि घोटाले के पीछे षडयंत्र की जांच के लिए अब तक एजेंसी ने दस लोगों को गिरफ्तार किया है और कई लोगों से पूछताछ की है. इस घोटाले में हजारों जमाकर्ताओं के साथ धोखाधडी की गई थी.
अधिकारी ने कहा कि सीबीआई ने अपराध के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के कपडा मंत्री एस. मुखर्जी और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के करीबी चित्रकार शुवोप्रसन्ना को भी तलब किया. एजेंसी उन लोगों से भी पूछताछ करेगी, जिनके नाम आरोपियों से पूछताछ में सामने आए हैं.
जब उनसे पूछा गया कि क्या सीबीआई प्रतिक्रिया की आशंका से उन प्रभावशाली राजनैतिक लोगों से पूछताछ करने से बचेगी, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात की बिल्कुल चिंता नहीं है कि क्या होगा. हमारे निदेशक ने हमें स्पष्ट तौर पर बताया है कि जो भी अपराध का दोषी पाया जाए, उससे पूछताछ की जानी चाहिए. किसी को भी छोडा नहीं जाएगा और हम ऐसा नहीं कर सकते.’’ उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में ‘गंभीर’ कमी के चलते जांच को गति देने में समस्या आ रही है. उन्होंने कहा, ‘‘शारदा जांच में सिर्फ नौ से दस अधिकारी लगे हैं. यह पर्याप्त नहीं है.’’
