कोलकाता :बर्दवान के खागड़ागढ़ में हुए धमाके व बोधगया में आइइडी ब्लास्ट मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी एनआइए की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस मामले में सोमवार देर रात को कदर काजी उर्फ कादूर (32) और सज्जाद अली (20) हुगली के आरामबाग से गिरफ्तार किया था.
दोनों को मंगलवार को महानगर के बैंकशाल कोर्ट में स्थित एनआइए स्पेशल कोर्ट में लाकर पेश करने पर अदालत ने इन्हें 12 फरवरी तक एनआइए की हिफाजत में रखने का निर्देश दिया है. एनआइए सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक पूछताछ में उन्हें पता चला कि दोनों खागड़ागढ़ के धमाके के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में छिपते फिर रहे थे.
गत एक महीने पहले वे हुगली के आरामबाग में आकर राजमिस्त्री के काम में लगे थे. इसी काम के साथ-साथ दोनों बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन (जेएमबी) के लिए इस राज्य में आतंकी मॉड्यूल तैयार करने की फिराक में थे.
एक संगठन के लिए नये लोगों को रिक्रूट कर रहा था औैर दूसरा विभिन्न जगहों से हवाला के माध्यम से फंडिंग जुगाड़ने का काम कर रहा था. यही नहीं, वे सर्किट बम व अन्य विस्फोटक भी समय-समय पर बनाते रहते थे. एनआइए सूत्रों के मुताबिक दोनों इस घटना के मूल आरोपी मोहम्मद जाहीदूर इस्लाम उर्फ कौसर के काफी करीबी हैं.
बर्दवान के खागड़ागढ़ के अलावा बोधगया में आइइडी ब्लास्ट में भी दोनों का अहम रोल था. इस मामले में पहले गिरफ्तार कौसर से पूछताछ में इन दोनों का नाम सामने आया था. इस खुलासे के बाद से एनआइए की टीम इन दोनों की तलाश में थी. अब इन दोनों से पूछताछ कर इन लोगों ने जिन्हें अपने आतंकी संगठन के लिए रिक्रूट किया है, उनतक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
