Prayagraj News: प्रयागराज के धरना स्थल पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है. हरतालिका तीज के पावन अवसर पर जहाँ सुहागिन महिलाएँ पारंपरिक रूप से अपने पतियों की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर घर पर पूजा-अर्चना करती हैं, वहीं इन महिला अभ्यर्थियों ने सड़क पर बैठकर एक अनोखा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने अपने हाथों में मेहंदी से ‘पुरानी नियमावली बहाल करो’ और ‘पुराने पैटर्न से परीक्षा कराओ’ जैसे नारे लिखकर सरकार के प्रति अपना गहरा असंतोष व्यक्त किया.
आमरण अनशन और छात्रों की बढ़ती चिंता
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि भर्ती विज्ञापन को पुराने नियमों और पुरानी परीक्षा प्रणाली के आधार पर ही जारी किया जाए. आंदोलनकारियों का कहना है कि यह अनिश्चितकालीन धरना 31 अगस्त से प्रारंभ हुआ था और 5 सितंबर से चार अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. अनशन के दस दिन बीत जाने के बावजूद शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है. इस स्थिति से अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य और उनके भविष्य को लेकर परिजनों में भारी चिंता व्यापत हो चुकी है.
मुख्यमंत्री से गुहार और अधिकारों की लड़ाई
धरना स्थल पर मौजूद महिला अभ्यर्थियों, जैसे बीना राय, नीतू और कंचन सिंह ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि तीज जैसे बड़े त्योहार पर घर से दूर रहकर सड़क पर बैठना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री धरना स्थल के बेहद पास मौजूद होने के बाद भी अनशन पर बैठे छात्रों का हाल जानने नहीं आए. अभ्यर्थियों ने मांग की कि सरकार उनकी पीड़ा को समझे, पुराने पैटर्न से परीक्षा कराए और उन्हें उनके अधिकार देकर शीघ्र राहत प्रदान करे.
