UP में बेटियों को योगी सरकार का तोहफा, 10% कम नंबर पर भी मिलेगी मुफ्त स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ

योगी सरकार उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक खास पहल कर रही है. रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक पास करने वाली 50 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी, साथ ही अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी.

Rani Laxmibai Scooty Yojana : उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार की ओर से एक खास पहल की जा रही है. रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक पास करने वाली 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का प्रावधान है. सरकार सिर्फ स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि इसके साथ पेट्रोल, आरटीओ पंजीकरण, बीमा और हेलमेट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी. इस योजना में खास बात यह है कि शहीद या बलिदानी परिवारों की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित मेधावी छात्राओं को मेरिट में विशेष राहत दी जाएगी. इन वर्गों की छात्राओं को सामान्य कटऑफ से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा.

क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?

योगी सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और कॉलेज आने-जाने में सुविधा देने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू की है. इसके तहत राज्य की चयनित मेधावी छात्राओं को नई स्कूटी उपलब्ध करायी जाएगी. योजना का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आवागमन की परेशानी से राहत देना है.

50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

योजना के तहत स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं में से चयन किया जाएगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित संस्थान की स्नातक पास छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. सरकार की योजना के मुताबिक कुल 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ दिया जाना है.

इन छात्राओं को 10% अंकों की छूट

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में कुछ विशेष वर्ग की छात्राओं को मेरिट में राहत दी गयी है. शहीद परिवारों की बेटियां, दिव्यांग और निराश्रित मेधावी छात्राएं सामान्य कटऑफ से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने के बावजूद पात्र हो सकती हैं. यानी अगर सामान्य मेरिट में चयन के लिए जितने अंक जरूरी हैं, इन विशेष वर्गों की छात्राओं के अंक उससे 10 प्रतिशत तक कम हैं, तो भी उन्हें योजना में शामिल किया जा सकता है.

स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

सरकार की ओर से चयनित छात्राओं को सिर्फ स्कूटी ही नहीं दी जाएगी. योजना के पैकेज में कई दूसरी सुविधाएं भी शामिल हैं. नयी पेट्रोल स्कूटी वाहन का आरटीओ पंजीकरण व्यापक वाहन बीमा ISI मार्क सुरक्षा हेलमेट जरूरी वाहन एक्सेसरीज वितरण के समय 4 से 5 लीटर तक पेट्रोल इससे छात्राओं और उनके परिवारों पर स्कूटी खरीदने और शुरुआती खर्च का आर्थिक बोझ कम होगा.

कौन छात्राएं होंगी पात्र?

योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसके अलावा उसे मान्यता प्राप्त राज्य या निजी विश्वविद्यालय अथवा संबद्ध डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करनी होगी. योजना में मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी. संबंधित संस्थान की स्नातक पास छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा. इसके अलावा छात्रा के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?

योजना के लिए छात्राओं को अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—

  • उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र
  • नवीनतम आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • स्नातक की मार्कशीट
  • APAAR ID
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

छात्राओं को खुद नहीं करना होगा आवेदन

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की एक खास बात यह है कि छात्राओं को किसी पोर्टल पर जाकर अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. संबंधित विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने रिकॉर्ड और डेटाबेस के आधार पर पात्र छात्राओं की पहचान करेंगे. इसके बाद छात्राओं के अंक और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. विश्वविद्यालय स्तर पर कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर से तैयार सूची को शासन के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.

जिलाधिकारी की मौजूदगी में होगा वितरण

छात्राओं की सूची और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जिला स्तर पर स्कूटी वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी जाएगी.

अक्टूबर-नवंबर में वितरण की तैयारी

सरकार की योजना के अनुसार 2025-26 शैक्षणिक सत्र की चयनित मेधावी छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर के दौरान स्कूटी वितरित करने की तैयारी है. इस योजना से प्रदेश की हजारों छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है. सरकार का जोर छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने पर है.

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By रवि रंजन कुमार

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