UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में राज्य के चार हिस्सों में बंटवारे की चर्चा ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के इस बयान पर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राजभर के बयान को 'चुनावी जुमला' बताते हुए कहा कि यह बात बिना सोचे-समझे कही गई है. बृजभूषण ने यह भी कहा कि राजभर यूपी की परिस्थितियों से पूरी तरह अवगत नहीं हैं.
राजभर ने यूपी को चार हिस्सों में बांटने की कही बात
ओम प्रकाश राजभर ने देवरिया में आयोजित सुभासपा की 'सामाजिक समरसता महा रैली' में उत्तर प्रदेश के बंटवारे का मुद्दा उठाया था. उन्होंने दावा किया कि जातिवार जनगणना के बाद उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है. राजभर ने यह भी कहा कि अगर पूर्वांचल अलग राज्य बनता है तो वहां राजभर समाज से मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
पीएम मोदी से बातचीत का भी किया दावा
राजभर ने अपने बयान में दावा किया कि उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि जातिवार जनगणना के बाद राज्य के बंटवारे पर आगे विचार किया जा सकता है. राजभर ने इसी आधार पर लोगों से प्रधानमंत्री पर भरोसा करने की बात कही. यह राजभर का प्रधानमंत्री के साथ कथित संवाद का दावा है.
बृजभूषण बोले- यूपी की अपनी अलग ताकत
बृजभूषण शरण सिंह ने राजभर के दावे पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और संवैधानिक स्थिति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान और ताकत का एक बड़ा आधार लोकसभा की 80 सीटें हैं. उनके मुताबिक, केंद्र या योगी सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
सस्ती लोकप्रियता के लिए बयान
बृजभूषण शरण सिंह ने राजभर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस तरह के बयान सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दिए जा रहे हैं. उन्होंने इसे बिना सोचे-समझे दिया गया बयान बताया और कहा कि राजभर उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों से अवगत नहीं हैं.
चुनाव से पहले गरमाया यूपी बंटवारे का मुद्दा
राजभर के बयान के बाद यूपी के विभाजन का पुराना मुद्दा फिर राजनीतिक बहस में आ गया है. इससे पहले भी उत्तर प्रदेश को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की मांग उठती रही है. मौजूदा बयान को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है, हालांकि राज्य के बंटवारे पर कोई नया आधिकारिक प्रस्ताव सामने होने की बात इन रिपोर्टों में नहीं कही गई है. यह भी देखें: 'सपा की सरकार का पता नहीं, मंत्री बनने के सपने!' इंद्रजीत सरोज के बयान पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तंज
