UP News: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में हरियाली बढ़ाने और जैव विविधता को मजबूत करने के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है. मथुरा और छटीकरा मार्ग स्थित दो आरक्षित वन क्षेत्रों से विलायती बबूल (जूली फ्लोरा) को हटाकर उनकी जगह एक लाख चौड़ी पत्ती वाले देशी पौधे लगाए जाएंगे. इन पौधों की सिंचाई सौर ऊर्जा से संचालित सबमर्सिबल पंप के जरिए की जाएगी.
दो आरक्षित वन क्षेत्रों में चलेगा अभियान
वन विभाग के अनुसार, मथुरा मार्ग स्थित अहिल्यागंज आरक्षित वन क्षेत्र और छटीकरा मार्ग स्थित सुनरख आरक्षित वन क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य शुरू हो गया है. दोनों वन क्षेत्रों को पहले तार फेंसिंग के जरिए सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि लगाए जाने वाले पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.
पीपल, बरगद और पाकड़ जैसे देशी पौधे लगेंगे
विभाग की योजना के तहत जूली फ्लोरा को हटाकर पीपल, बरगद, पाकड़ समेत चौड़ी पत्ती वाली देशी प्रजातियों के करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे. पौधों की उपलब्धता की जिम्मेदारी अलीगढ़ की कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है, जबकि कुछ पौधे प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी मंगाए जा रहे हैं. रोपण कार्य में विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं.
सोलर पंप से होगी सिंचाई
वन विभाग पौधों की नियमित सिंचाई के लिए प्रत्येक पांच हेक्टेयर क्षेत्र में एक सोलर पैनल और सबमर्सिबल पंप लगाएगा. वन क्षेत्राधिकारी विपिन मिश्रा के अनुसार, सौर ऊर्जा से संचालित यह व्यवस्था पौधों की निर्बाध सिंचाई सुनिश्चित करेगी. इसके साथ ही पूरे अभियान की निगरानी के लिए वन क्षेत्र में वन क्षेत्राधिकारी का कार्यालय भी स्थापित किया गया है.
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