UP News: उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों कोटेदारों ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. विधानसभा घेराव के लिए निकले कोटेदारों को पुलिस ने चारबाग में ही रोक दिया और बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को बसों से इको गार्डन भेज दिया गया. कोटेदारों ने मांगें पूरी नहीं होने पर अगस्त महीने में पूरे प्रदेश में राशन वितरण बंद करने की चेतावनी दी है.
विधानसभा घेराव से पहले पुलिस ने रोका
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन से जुड़े कोटेदार लंबित मांगों को लेकर लखनऊ पहुंचे थे. उनकी योजना चारबाग से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालकर सरकार को ज्ञापन सौंपने की थी. हालांकि, चारबाग में ही भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेजा गया.
कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगें रखीं
कोटेदारों की सबसे प्रमुख मांग लाभांश बढ़ाने की है. उनका कहना है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में उन्हें 90 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है, जिसे बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए. इसके अलावा कोरोना काल में नवंबर 2021 के दौरान मुफ्त राशन वितरण का बकाया भुगतान, खाद्यान्न वितरण से जुड़ी लंबित फंडिंग और गेहूं खरीद के दौरान जमा कराई गई खाली बोरियों का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है.
मांगें नहीं मानीं तो अगस्त में नहीं बांटेंगे राशन
कोटेदार संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया तो अगस्त में प्रदेशभर में राशन वितरण नहीं किया जाएगा. संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति में राशन व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी.
दूसरे राज्यों की तुलना में कम कमीशन का दावा
कोटेदारों का कहना है कि दूसरे राज्यों में उन्हें उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक लाभांश दिया जा रहा है. संगठन के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली में 200 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि गोवा में 230 रुपये प्रति क्विंटल तक कमीशन दिया जाता है. इसके अलावा कोटेदारों ने महंगाई को देखते हुए प्रदेश में मानदेय देने की भी मांग की है.
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