UP News: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. उत्तर प्रदेश में बहनें इस दिन सुबह से ही भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय के अनुसार शुभ मुहूर्त की शुरुआत कुछ मिनट आगे-पीछे होगी, जबकि पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी. वहीं, इस रक्षाबंधन को लेकर ज्योतिषीय गणनाओं में करीब 70 साल बाद खास संयोग बनने का दावा किया जा रहा है. खास बात यह भी है कि इसी दिन चंद्र ग्रहण लगेगा, लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक भी यहां मान्य नहीं होगा.
70 साल बाद क्यों खास बताया जा रहा है रक्षाबंधन?
काशी के ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर कई ज्योतिषीय संयोग एक साथ बन रहे हैं. 28 अगस्त को शतभिषा नक्षत्र और अतिगंड योग का संयोग रहेगा. साथ ही चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में संचरण करेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं में इन संयोगों को रक्षाबंधन के लिए विशेष माना जा रहा है. हालांकि, 70 साल बाद बनने वाले इस संयोग का दावा ज्योतिषीय गणना और मान्यताओं पर आधारित है.
भद्रा भी नहीं बनेगी राखी के रास्ते में बाधा
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर भद्रा को लेकर रहती है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं में भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता. इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी. पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी और इसी उदया तिथि के आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा.
राखी वाले दिन चंद्र ग्रहण, फिर भी नहीं पड़ेगा असर
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगना इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण 28 अगस्त की सुबह शुरू होगा और दोपहर तक चलेगा. लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. इसलिए धार्मिक नियमों के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के पूजा-पाठ या राखी बांधने पर ग्रहण की वजह से कोई रोक नहीं रहेगी. यानी जिस दिन आसमान में ग्रहण की खगोलीय घटना होगी, उसी दिन यूपी समेत भारत में बहनें सामान्य तरीके से रक्षासूत्र बांध सकेंगी.
यूपी में राखी बांधने का शुभ समय क्या है?
रक्षाबंधन पर भाई-बहन कई बार अलग-अलग शहरों में रहते हैं. ऐसे में राखी बांधने के समय को लेकर लोगों के मन में सवाल रहता है. 28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय में अंतर होने के कारण राखी बांधने के मुहूर्त की शुरुआत भी कुछ मिनट आगे-पीछे होगी.
यूपी में राखी का शुभ मुहूर्त
लखनऊ में सुबह 5:44 बजे से 9:48 बजे तक, प्रयागराज में 5:41 बजे से 9:48 बजे तक, वाराणसी में 5:37 बजे से 9:48 बजे तक और कानपुर में 5:46 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है. इसलिए यूपी के दूसरे शहरों में रहने वाले लोग अपने स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता दें. इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वह सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो चुकी होगी. इस बार रक्षाबंधन की कहानी सिर्फ भाई-बहन के प्रेम तक सीमित नहीं है. एक तरफ 70 साल बाद विशेष ज्योतिषीय संयोग का दावा, दूसरी तरफ उसी दिन चंद्र ग्रहण और फिर भी भारत में उसका सूतक मान्य न होना- इन वजहों से 28 अगस्त का रक्षाबंधन खास चर्चा में है.
राखी बांधते समय बोलें ये पौराणिक मंत्र
बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधते समय इस पौराणिक मंत्र का उच्चारण करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र का प्रयोग प्राचीन काल से रक्षा सूत्र बांधने के दौरान किया जाता रहा है.
“ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः
तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल”
राखी बांधते समय इस मंत्र का उच्चारण करते हुए भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह मंत्र भाई की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा है.
