UP में नेपाल से चल रहा था 100 करोड़ का GST फ्रॉड, बरेली में SIT ने ऐसे खोला पूरा राज

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में 100 करोड़ रुपये के बड़े GST फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है. एक सिंडिकेट नेपाल से बैठकर फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी कर रहा था. SIT की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में फर्जी फर्मों के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर करीब 100 करोड़ रुपये के GST फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. SIT ने नेपाल से संचालित इस सिंडिकेट के सरगना और मुख्य ऑपरेटर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले में छह अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

17 फर्मों के जरिए चलता था फर्जीवाड़ा

मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि, कैंट इंस्पेक्टर एवं मुख्य विवेचक संजय धीर की टीम ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया. गिरफ्तार आरोपियों में कर्मचारीनगर निवासी सागर अग्रवाल, गरगइया निवासी फरजान हाशमी, ख्वाजा कुतुब निवासी विनीत अरोड़ा, खैरुल्ला गली निवासी अनुज अग्रवाल और नीम की चढ़ाई निवासी शिवम गुप्ता उर्फ लाला शामिल हैं. जांच में कुल 17 फर्मों के नाम सामने आए हैं.

नेपाल में बैठकर ‘संदीप’ नाम से चलाता था नेटवर्क

SIT की जांच में सामने आया कि फरजान हाशमी फर्जीवाड़े में शामिल एफएस ट्रेडर्स का संचालक था. GST अधिकारियों की छापेमारी के बाद वह नेपाल भाग गया और वहां ‘संदीप’ नाम से रहकर जंगी एप के जरिए बरेली में अपने साथियों से संपर्क करता रहा. पुलिस के अनुसार, वह नेपाल से ही नेटवर्क का संचालन कर रहा था और दिल्ली निवासी आसिफ से फर्जी आधार व पैन कार्ड हासिल कर फर्जी फर्में बनवाई गईं.

बिना कारोबार के काटे जाते थे फर्जी बिल

सागर अग्रवाल को सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और मुख्य सरगना बताया गया है. वह लाभ लेने वाली फर्मों और बोगस आईटीसी तैयार करने वाली फर्मों के बीच कड़ी का काम करता था. विनीत अरोड़ा रकम के नियमन, अनुज अग्रवाल फर्जी फर्मों के रिटर्न और शिवम गुप्ता रकम को घुमाने व ठिकाने लगाने का काम करता था. पुलिस के मुताबिक, DM कंपाउंड के सामने स्थित कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक लेनदेन के बिल काटे जाते थे और उनके आधार पर जीएसटी आईटीसी क्लेम किया जाता था.

हवाला के जरिए पहुंचता था रकम का हिस्सा

जांच में यह भी सामने आया कि अरहम एग्रो फूड्स के बैंक खाते से चेक के जरिए रकम निकाली जाती थी. इसके बाद पैसा विनीत अरोड़ा के जरिए शिवम गुप्ता की दुकान तक पहुंचाया जाता था. वहां से सरगना सागर अग्रवाल रकम लेकर हवाला के जरिए सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक उनका हिस्सा पहुंचाता था. मामले में एफएस ट्रेडर्स समेत कई फर्मों की भूमिका सामने आई है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं. वहीं, छह फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है.

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By खुशबू कुमारी

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