लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगी 5 लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अब राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

UP News: यूपी सरकार लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधा भी उलब्ध कराने जा रही है, इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी के दिवंगत होने पर उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

UP News: आपातकाल की 51वीं बरसी ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र को बचाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया, इसके साथ ही सीएम ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों के लिए जल्द ही 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी. सीएम ने लोकतंत्र सेनानियों के स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना करते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है.

लोकतंत्र सेनानियों के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम

सीएम योगी ने कहा कि आज लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए गौरव की अनुभूति हुई. उनकी अपनी पीड़ा है. उन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल की यातनाएं सहीं, इसलिए प्रदेश में जब लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित सरकार आई तो लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया. प्रदेश में 3,780 लोकतंत्र सेनानी तथा 1,461 उनके आश्रित हैं. सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों व मरणोपरांत उनके आश्रितों को प्रत्येक माह 20 हजार रुपये की सम्मान राशि दे रही है. इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी या उनके उत्तराधिकारी (पति अथवा पत्नी) को एक सहायक के साथ पूरे प्रदेश में परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है. लोकतंत्र सेनानियों को राजकीय चिकित्सालयों में निशुल्क चिकित्सा भी उपलब्ध कराई जा रही है.

पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जल्द

सीएम योगी ने कहा कि अब सरकार लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधा भी उलब्ध कराने जा रही है, इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी के दिवंगत होने पर उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था सरकार द्वारा बनाई जा रही है. आने वाली पीढ़ी हमेशा इस बात को ध्यान में रखेगी कि जो भी देश व लोकतंत्र के हित में काम करेगा, सरकारें उन्हें सम्मानित करेंगी.

सीएम योगी ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया. इसमें 6 महीने तक जेल में यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा (हरदोई), विद्या राम वर्मा (हरदोई), अजय सिंह (बाराबंकी) व ओम प्रकाश गुप्ता (सीतापुर) शामिल रहे.

लोकतंत्र सेनानियों ने सुनाई आपबीती

इस दौरान लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने बताया कि आपातकाल लगाने का कोई कारण नहीं था. कांग्रेस बस किसी भी तरह सत्ता में रहना चाहती थी. आपातकाल के दौरान हमारी गिरफ्तारी के समय कपड़े फाड़ दिए गए. हम लोगों ने इसके बाद भी सत्याग्रह में भाग लिया, तब बहुत ज्यादा अत्याचार किए गए. लोकतंत्र सेनानी विद्या राम वर्मा ने बताया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी आपातकाल के बारे में सोचता हूं तो मन भावुक हो जाता है. सीपीआई को छोड़कर बाकी सभी दलों के साथ अत्याचार किया गया. मेरा घर रात में घेरा गया, जैसे किसी डकैत को पकड़ने आए हों. जेल में कैदियों के नाखून उखाड़े गए और जबरन नसबंदी की गई. उस समय की सरकार ने कैसे अत्याचार किए, आज कोई अहसास भी नहीं कर सकता.

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Published by: Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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